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बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में वजीरगंज थाना क्षेत्र में बगैरन पुलिस चौकी के प्रभारी के आराम में खलल डालने पर फरियादी दलित युवक की पिटाई का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दरोगा और मुख्य आरक्षी को तैनाती से हटाते हुए पुलिस लाइन से सम्बद्ध कर दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ओ पी सिंह ने मंगलवार को बताया कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए उप निरीक्षक (दरोगा) सुशील कुमार विश्नोई और मुख्य आरक्षी संजीव कुमार को लाइन हाजिर कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरक्षी ने यह वीडियो जारी किया था, इसलिए उनके खिलाफ अलग से भी कार्रवाई की जाएगी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक यह वीडियो सार्वजनिक होने के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। ट्वीट में उन्होंने कहा ''उत्तर प्रदेश पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के अकार्यवाहक दरोगा जी ने अपने आराम में खलल पड़ने पर फरियादी जनता पर ही अपनी बेल्ट से हिंसक प्रतिक्रिया दी। अच्छा हुआ दरोगा जी के पास बेल्ट है, थार या बुलडोज़र नहीं, नहीं तो…--- भाजपा सरकार-जनता पर वार!'' उन्होंने दरोगा द्वारा पिटाई का वीडियो भी अपने ट्वीट में साझा किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बगरैन पुलिस चौकी में एक पीड़ित दलित युवक की दरोगा द्वारा बेरहमी से पिटाई की गयी। युवक का कसूर इतना था कि दरोगा जी आराम कर रहे थे और वह अपना शिकायती पत्र लेकर उनसे फरियाद करने पहुंचा था। घटना एक सप्ताह पहले की बताई जा रही है।
वीडियो में शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचे पीड़ित पर चौकी प्रभारी अनगिनत पट्टे बरसाते दिख रहे हैं। घटना के बारे में यह बताया गया कि बगरैन पुलिस चौकी क्षेत्र के सिसैया गांव के रहने वाले पिंटू जाटव का अपने भाई से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पिंटू जाटव शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचा तो उस समय दरोगा सुशील कुमार विश्नोई आराम कर रहे थे और बिना कुछ पूछे वह हाथों में पट्टा लेकर युवक पर टूट पड़े। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया।
Published : 30 May 2023, 5:06 PM IST
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