दिल्ली में टीएमसी नेताओं के प्रदर्शन को भाजपा ने बताया ड्रामा और सर्कस

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के लिए कुछ योजनाओं के तहत केंद्रीय कोष जारी करने की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन को सोमवार को ‘सर्कस’ और ‘नाटक’ करार दिया और राज्य सरकार पर धन की ‘चोरी’ करने और कई बार याद दिलाने के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

Updated : 2 October 2023, 6:48 PM IST
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नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के लिए कुछ योजनाओं के तहत केंद्रीय कोष जारी करने की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन को सोमवार को ‘सर्कस’ और ‘नाटक’ करार दिया और राज्य सरकार पर धन की ‘चोरी’ करने और कई बार याद दिलाने के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।

अभिषेक बनर्जी सहित तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की ओर से राजधानी दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में कार्यों को लेकर केंद्र की चिंताओं को गिनाया और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह सच नहीं है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को बार-बार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की याद दिलाई है, लेकिन वह कभी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी? क्या यह सच नहीं है कि राज्य भ्रष्ट अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने में हमेशा विफल रहा है।’’

भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधने और केंद्र का बचाव करने के लिए बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार और सांसद लॉकेट चटर्जी सहित अपने राज्य के नेताओं को भी मैदान में उतारा।

इन नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला।

 डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसारमजूमदार ने अभिषेक बनर्जी के इस आरोप का जिक्र किया कि भाजपा राष्ट्रीय राजधानी में उनकी पार्टी के विरोध प्रदर्शनों को बाधित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी इतने खाली नहीं हैं कि वह तृणमूल कांग्रेस के उत्तराधिकारी जैसे ‘तुच्छ नेता’ को निशाना बनाएं।

मजूमदार ने दावा किया कि चूंकि अभिषेक बनर्जी हिंसा और धमकी की राजनीतिक संस्कृति में पले-बढ़े हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि पूरे देश में भी यही होता है।

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत भुगतान रोक दिया है क्योंकि पहले जो धन भेजा गया था उन्हें उन कामों में लगाया गया जो अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थे।

मजूमदार ने कहा कि एक केंद्रीय जांच में अनियमितताएं पाई गईं और राज्य सरकार से धन की वसूली करने को कहा गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अनुपालन के लिए राज्य को कई बार पत्र लिखा लेकिन उसकी कार्रवाई रिपोर्ट में जांच दल द्वारा रेखांकित करीब 15 बिंदुओं पर उल्लंघनों के खिलाफ की गई कार्रवाई का कोई जिक्र नहीं था।

मजूमदार ने कहा कि अभिषेक बनर्जी यहां जो कर रहे हैं, वह ‘नाटक’ के अलावा कुछ नहीं है।

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में ‘सर्कस’ कर रही है जबकि पश्चिम बंगाल में उसकी सरकार भ्रष्टाचार में लगी हुई है।

मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार ने नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया है और कुछ मामलों में वसूली भी की है लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे कह रहे हैं कि चोरी हुई है, लेकिन वे चोरों को पकड़ने से इनकार करते हैं।’’

सरकार ने कहा कि पारदर्शिता की कमी और उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई ना होने के कारण केंद्र ने भुगतान को रोकने के लिए उचित कानून लागू किए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के लिए केंद्र सरकार की आवास योजना के तहत भी बहुमंजिला मकान होने के बावजूद राजनीतिक रसूख रखने वालों को धन मिला जबकि जरूरतमंदों को लाभ से वंचित रखा गया।

भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने इन योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल में पिछली संप्रग सरकार की तुलना में बहुत अधिक धन खर्च किया है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि संप्रग सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल को जहां सिर्फ 58 हजार करोड़ रुपये मिले, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकास के लिए पश्चिम बंगाल को पिछले 9 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गयी है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह देश के प्रधानमंत्री की पश्चिम बंगाल के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना में पश्चिम बंगाल को पिछले 9 सालों में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिए गए, जबकि संप्रग के समय यह आंकड़ा सिर्फ 14,900 करोड़ रुपये ही था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत संप्रग सरकार के दौरान जहां सिर्फ 5,400 करोड़ रुपये खर्च हुए वहीं मोदी सरकार में दोगुने से अधिक 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत संप्रग सरकार के दौरान सिर्फ 4,400 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि मोदी सरकार ने बंगाल को 30 हजार करोड़ रुपये दिये।

Published : 
  • 2 October 2023, 6:48 PM IST

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