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प्रयागराज: देश को हिलाकर रख देने वाले उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को शनिवार को कोर्ट से बड़ा झटका मिला। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए खुशी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस जे जे मुनीर की सिंगल बेंच ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों की हत्या जघन्य अपराध है।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान खुशी दुबे अपने बचाव में कोई ठोस दलील और साक्ष्य भी पेश पेश कर सकी। जिसके बाद कोर्ट ने उसकी जमानत को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि खुशी को जमानत देना कानून में विश्वास करने वालों को ठेस पहुंचाने जैसा होगा। आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करना साधारण नहीं, बल्कि जघन्य अपराध था। इस मामले में जमानत देने का कोई औचित्य नहीं बनता।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि बिकरू कांड की घटना समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है। पुलिस चार्जशीट में आरोप कि खुशी ने भी बिकरू कांड को अंजाम देने की साजिश में अपने पति अमर दुबे का पूरा साथा दिया था और इस घटना को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
बता दें कि खुशी ने खुद के बेगुनाह होने और जेल में सेहत खराब होने का हवाला देकर जनवरी में जमानत अर्जी दाखिल की थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सुनवाई नहीं हो सकी थी।
Published : 17 July 2021, 12:09 PM IST
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