
नई दिल्ली: जिम्बाब्वे के करिबा जिले के दूरस्थ कसविस्वा गांव में एक ऐसी घटना हुई, जिसे चमत्कार कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यहां 8 साल का टिनोटेंडा पुडु नाम का बच्चा मातुसादोना गेम पार्क के खतरनाक जंगलों में 5 दिनों तक फंसा रहा, लेकिन अब वह सही सलामत ज़िंदा वापस मिल गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, घटना तब शुरू हुई जब टिनोटेंडा खेलते-खेलते अपने घर से भटक गया और दिशा खो बैठा। उसे एहसास नहीं था कि वह सीधे मातुसादोना गेम पार्क की ओर बढ़ रहा है, जो खतरनाक जंगली जानवरों का इलाका है।
जंगल में भटकता रहा बच्चा
5 दिनों तक वह जंगल में भटकता रहा, जहां उसने 23 किलोमीटर तक का सफर तय किया। इस दौरान उसने जंगली फलों पर जीवित रहते हुए, शेरों की दहाड़ें और हाथियों की आवाजें सुनीं। वह एक चट्टान पर सोया, जो उसकी सुरक्षा के लिए उसकी शरण बनी।
टिनोटेंडा पुडु की कहानी के बारे में बताते हुए सांसद पी मुत्सा मुरोम्बेजी ने अपने लिखा कि वह भटक गया, दिशा खो दी और अनजाने में खतरनाक माटुसादोन्हा गेम पार्क में चला गया।
रेंजर्स ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
टिनोटेंडा की खोज में मातुसादोना अफ्रीका पार्क्स के बहादुर रेंजर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, न्यामिन्यामी समुदाय के लोगों ने भी रात में ढोल बजाकर उसे घर की दिशा समझाने की कोशिश की। पूरे समुदाय ने उसे ढूंढने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
पांचवें दिन, रेंजर्स ने टिनोटेंडा को यूमे नदी में मिल हॉगवे नदी के पास ढूंढ लिया। इस खबर से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
मां ने नहीं छोड़ी थी उम्मीद
टिनोटेंडा की मां ने कहा, "यह भगवान की कृपा है कि मेरा बेटा सुरक्षित वापस आ गया। हमने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत थी।"
मातुसादोना अफ्रीका पार्क्स के अधिकारियों ने कहा कि यह घटना बताती है कि सामुदायिक प्रयास और एकजुटता क्या कर सकती है। "यह टिनोटेंडा के लिए एक चमत्कार है और हम सभी के लिए एक सीख कि उम्मीद और प्रार्थना कभी छोड़नी नहीं चाहिए।"
बता दें कि अफ्रीकी पार्क के अनुसार माटुसाडोना गेम पार्क में लगभग 40 शेर हैं, जो इस जगह को एक छोटे बच्चे के लिए खतरनाक बना देता है। लेकिन फिर भी 8 साल का टिनोटेंडा अपनी सूजभूझ से ज़िंदा बच गया।
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Published : 5 January 2025, 7:44 PM IST
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