
नई दिल्ली: प्रयागराज के महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन पवित्र स्नान के लिए देश विदेश से कई श्रद्धालु पहुंचे थे। मौनी अमावस्या के स्नान से पहले मंगलवार रात को संगम पर मची अचानक भगदड़ में करीब 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मौनी अमास्या पर महाकुंभ में मची भगदड़ के दौरान बलिया की मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मऊ और गोंडा के भी एक-एक श्रद्धालु ने जान गंवा दी। खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार बलिया के नगरा थाना के चचया गांव की रिंकी सिंह (35) और उनकी पड़ोसी मीरा देवी (50) साथ में ही महाकुंभ में स्नान करने गई थीं। भगदड़ के दौरान दोनों की मौत हो गई। वहीं, फेफना थाना के नसीराबाद गांव निवासी रीना देवी (36) और उसकी बेटी रोशनी पटेल (8) की भगदड़ में मौत होने की पुष्टि रीना के पति दिनेश पटेल ने की है।
इसके अलावा मऊ के कोपागंज क्षेत्र के फतेहपुर ताल निवासिनी प्रभावती राजभर की मौत हुई है। प्रभावती मंगलवार को निजी वाहन से गांव के कुछ लोगों के साथ प्रयागराज गई थी। स्नान करने से पहले ही भगदड़ की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
गोंडा के रहने वाले 47 वर्षीय ननकन ने भी दम तोड़ दिया। मृतक श्रद्धालु पत्नी रिश्तेदारों और परिवारीजनों के साथ स्नान के लिए गए हुए थे।
हालांकि अभी भी कई लोग लापता है। कई लोगों को परिजन अपनों को तलाश रहे हैं। कई लोग अभी भी अस्पताल के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा कि 36 लोगों का स्थानीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के 25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
Published : 30 January 2025, 12:52 PM IST
Topics : Bhagadad devotee HindiNews Maha Kumbh stampede ManojTibrewalAakashDynamiteNews ManojTibrewalAakashJournalist Mauni Amavasya Prayagraj TrendingNews