
पीवी सिंधु (Img : Google)
New Delhi : बैडमिंटन कोर्ट पर तेज कदम, स्मैश में ताकत और बड़े मैचों में गजब का धैर्य-पीवी सिंधु का नाम आते ही भारतीय खेल प्रेमियों के मन में यही तस्वीर उभरती है। आज यानी 5 जुलाई को भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं। सिंधु भारतीय बैडमिंटन के उस दौर का चेहरा हैं। जिसने दुनिया को बताया कि भारत अब बड़े मंच पर मेडल जीतने आता है।
पीवी सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता पीवी रमन्ना और मां पी विजया दोनों वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। यानी खेल का माहौल सिंधु को बचपन से ही मिला, लेकिन उन्होंने अपने लिए अलग रास्ता चुना बैडमिंटन। छोटी उम्र से ही उनकी मेहनत और अनुशासन ने साफ कर दिया था कि यह खिलाड़ी लंबी रेस की दावेदार है।
सिंधु ने 2013 में चीन के ग्वांग्झू में हुई विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह इस टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। इसके बाद 2014 में भी उन्होंने ब्रॉन्ज जीता। 2017 और 2018 में सिल्वर मेडल के बाद 2019 में सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड जीतकर भारत को बैडमिंटन का विश्व चैंपियन बना दिया।
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रियो ओलंपिक 2016 में सिंधु फाइनल तक पहुंचीं और सिल्वर मेडल जीतकर देश का दिल जीत लिया। इसके बाद टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस तरह वह ओलंपिक में दो व्यक्तिगत मेडल जीतने वाली भारत की चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।
सिंधु को अर्जुन अवॉर्ड, पद्मश्री, खेल रत्न और पद्म भूषण जैसे बड़े सम्मान मिल चुके हैं। 30 की उम्र में भी सिंधु भारतीय बैडमिंटन की सबसे बड़ी प्रेरणाओं में से एक हैं। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, फिटनेस और बड़े मैचों का साहस किसी भी खिलाड़ी को इतिहास में जगह दिला सकता है।
Location : New Delhi
Published : 5 July 2026, 12:26 PM IST