
हार्दिक की वापसी फिटनेस पर निर्भर (Source: Pinterest)
New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने हार्दिक पांड्या और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर अहम स्थिति साफ की है। गंभीर ने कहा कि हार्दिक अभी वनडे में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी। वहीं, वैभव को भी टीम में अपनी बारी का इंतजार करना होगा।
भारत ने अफगानिस्तान को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में तीसरे टी-20 मुकाबले में 127 रन से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। मैच के बाद गंभीर ने हार्दिक की वापसी पर कहा कि वह फिलहाल 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं।
गंभीर के मुताबिक, टीम हार्दिक को इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्दबाजी में वापस नहीं लाना चाहती। पूरी तरह फिट होने के बाद हार्दिक और नितीश कुमार रेड्डी दोनों के एक साथ खेलने की संभावना बन सकती है। इससे भारत को तेज गेंदबाजी करने वाले दो ऑलराउंडर मिलेंगे और टीम की बल्लेबाजी में भी अतिरिक्त गहराई आएगी।
हार्दिक को पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, उनका मैदान पर उतरना फिटनेस से जुड़ी अंतिम मंजूरी पर निर्भर रहेगा। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही उनकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज में एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला। इसके साथ ही घरेलू मैदान पर उनका इंटरनेशनल डेब्यू भी टल गया।
वैभव ने कुछ महीने पहले इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू किया था। तीन मैचों में उन्होंने 42 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में उन्होंने 151 रन बनाकर टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 196.10 रहा।
वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किए जाने पर गंभीर ने कहा कि खिलाड़ी से पहले ही स्पष्ट बातचीत की गई थी कि उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम वैभव की प्रतिभा और क्षमता को जानती है, लेकिन लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है।
गंभीर ने साफ किया कि खिलाड़ी की उम्र 15 साल हो या 30 साल, टीम में आने के बाद हर खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब वैभव को मौका मिलेगा, तो टीम उन्हें लगातार अवसर देने की कोशिश करेगी।
गंभीर ने संजू सैमसन को फिर से मौका देने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाला खिलाड़ी अचानक खराब नहीं हो जाता।
गंभीर के मुताबिक, इंग्लैंड सीरीज से संजू को बाहर रखना उनके कोचिंग कार्यकाल के मुश्किल फैसलों में से एक था। इस सीरीज में टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप में सफल रही ओपनिंग जोड़ी के साथ आगे बढ़ना चाहता था। उन्होंने कहा कि तीन-चार मैच में नाकामी से किसी खिलाड़ी की क्षमता खत्म नहीं हो जाती।
Location : New Delhi
Published : 18 September 2026, 11:07 AM IST