
16 महीने बाद पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात (Img: Google)
New Delhi: फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद पहली आमने-सामने मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस मुलाकात ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नई उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह अनौपचारिक मुलाकात अचानक हुई, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि इस संक्षिप्त बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते, टैरिफ मुद्दे और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापारिक नीतियों को लेकर कुछ मतभेद सामने आए थे। इन्हीं मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर भी आए थे।
वहीं पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा भी दोनों देशों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
G7 सम्मेलन भारत को वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक चिंताओं को रखने का महत्वपूर्ण अवसर दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा अमेरिका और अन्य वैश्विक नेताओं के सामने उठा सकता है।
भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा बेहद अहम है।
G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इस बीच मोदी और ट्रंप की मुलाकात ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
यह मुलाकात दर्शाती है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देश आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
Location : New Delhi
Published : 16 June 2026, 7:52 PM IST