
न्यूजीलैंड से ड्रॉ के बाद ईरानी टीम को तुरंत लौटना पड़ा (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की टीम का अभियान पहले ही मैच के बाद विवादों और मुश्किलों के घेरे में आ गया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले के तुरंत बाद ईरानी टीम को अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम पर ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोइ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी टीम पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा प्रताड़ित होने वाली टीम बन गई है।
ईरान ने अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। यह मुकाबला सोफी स्टेडियम में खेला गया था। मैच के बाद सामने आए घटनाक्रम ने खेल से ज्यादा प्रशासनिक और राजनीतिक परिस्थितियों को चर्चा का विषय बना दिया।
ईरान के कोच अमीर घालेनोइ के अनुसार, इस वर्ष 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के साथ शुरू हुए युद्ध के कारण टीम को लगातार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अपने मैचों को अमेरिका से बाहर आयोजित करने का अनुरोध किया था, लेकिन फीफा ने वेन्यू कॉन्ट्रैक्ट और लॉजिस्टिक्स का हवाला देते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
इसी वजह से टीम के लिए यात्रा और ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई, जिसने खिलाड़ियों और स्टाफ की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
टूर्नामेंट के दौरान ईरान की टीम को एरिजोना में ट्रेनिंग करनी थी, लेकिन वीजा शर्तों और सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका। इसके बाद टीम ने मेक्सिको के शहर तिजुआना को अपना बेस कैंप बनाया।
व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों और स्टाफ को मैच वाले दिन ही अमेरिका आने की अनुमति दी गई। मुकाबला खत्म होते ही उन्हें वापस तिजुआना लौटने का निर्देश दिया गया। लगातार यात्रा और सीमित आराम को लेकर टीम ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में अमीर घालेनोइ ने कहा कि टीम का अधिकांश समय हवाई यात्रा में बीत रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त रिकवरी का समय नहीं मिल पा रहा है, जबकि बड़े टूर्नामेंट में शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रहना बेहद जरूरी होता है।
घालेनोइ ने कहा, “हमने अपना ज्यादातर समय हवा में सफर करते हुए बिताया है। उन्होंने हमें रिकवरी का समय तक नहीं दिया। मैच खत्म होते ही हमसे कहा गया कि हमें तुरंत अमेरिका छोड़ना होगा। हमारे लिए रिकवरी का समय बहुत जरूरी है, लेकिन हमें वापस तिजुआना लौटने को कह दिया गया है। मुझे लगता है कि हमारी टीम शायद इस पूरे विश्व कप की सबसे प्रताड़ित टीम है।”
ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी टीम की परिस्थितियों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मैच के बाद फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो ने टीम के लॉकर रूम का दौरा किया था।
तारेमी ने कहा कि इन्फेंटिनो उनकी मदद करना चाहते हैं, लेकिन मामला कई अन्य पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख मेहदी ताज और सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों को अमेरिका की यात्रा करने की अनुमति नहीं मिली।
उन्होंने उम्मीद जताई कि फीफा इस मामले में आगे और मदद करेगा।
लॉस एंजिल्स के पास खेले गए इस मुकाबले के दौरान राजनीतिक माहौल भी देखने को मिला। यह क्षेत्र ईरान के बाहर सबसे बड़ी ईरानी आबादी वाले इलाकों में से एक माना जाता है।
मैच शुरू होने से पहले जब ईरान का राष्ट्रगान बजाया गया तो कुछ दर्शकों ने हूटिंग की और मैदान की ओर पीठ कर ली। हालांकि खेल शुरू होने के बाद माहौल बदला और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
मैदान पर ईरान ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद ईरानी टीम दो बार पिछड़ने के बावजूद वापसी करने में सफल रही। आखिरकार 85वीं रैंकिंग वाली न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
हालांकि मैच का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन इसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने ईरान के विश्व कप अभियान को नई बहस और विवादों के केंद्र में ला दिया है।
Location : New Delhi
Published : 17 June 2026, 8:58 AM IST
Topics : Amir Ghalenoei FIFA World Cup 2026 Iran Football Team Iran Team Travel Issues Iran vs New Zealand