
राम मंदिर (Source: Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर निर्माण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सामने अब मंदिर और उससे जुड़ी बढ़ती व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं पेशेवर तरीके से संचालित करने की चुनौती है। इसी को देखते हुए ट्रस्ट में प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के पद को लेकर कवायद तेज हो गई है।
ट्रस्ट फिलहाल किसी व्यक्ति के नाम पर विचार करने से पहले यह तय करने में जुटा है कि CEO के पास कितने अधिकार होंगे और उसकी जवाबदेही किसके प्रति होगी। ऐसे में यह पद केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि ट्रस्ट के कामकाज के भविष्य के मॉडल की नींव माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के कार्य, अधिकार, जिम्मेदारियों और जवाबदेही के प्रस्तावित ढांचे पर अहम चर्चा हो सकती है। सदस्यों की सहमति बनने के बाद इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इसके बाद ही CEO पद के लिए संभावित नामों पर विचार आगे बढ़ने की संभावना है। फिलहाल किसी भी नाम को अंतिम नहीं माना जा रहा है।
CEO की नियुक्ति से पहले ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल उसके कार्यक्षेत्र को लेकर है। खास तौर पर यह तय करना जरूरी होगा कि CEO की भूमिका ट्रस्ट के महासचिव और अन्य पदाधिकारियों से किस तरह अलग होगी।
ट्रस्ट इसी बिंदु पर विस्तृत खाका तैयार कर रहा है, ताकि भविष्य में अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर किसी तरह का टकराव न हो।
मौजूदा कवायद में ट्रस्ट का फोकस किसी चेहरे से ज्यादा पद की भूमिका तय करने पर है। यानी पहले यह तय किया जाएगा कि CEO किन मामलों में निर्णय ले सकेगा, उसकी जिम्मेदारियां क्या होंगी और किन महत्वपूर्ण फैसलों के लिए ट्रस्ट या उसके पदाधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी।
2 सितंबर की बैठक केवल CEO व्यवस्था के कारण ही अहम नहीं है। ट्रस्ट के प्रवक्ता और कुछ रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर भी इसी बैठक में फैसला होने की संभावना है।
प्रवक्ता पद के लिए कई नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। इनमें राज परिवार के सदस्य यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी शामिल है। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें ट्रस्ट में सदस्य के रूप में शामिल कर प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
महिलाओं के लिए वादों की बारिश: भाजपा और सपा में कौन देगा ज्यादा? 2027 में तय करेगा आधी आबादी
वहीं, डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे से खाली हुए पद पर किसी संघ पदाधिकारी की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि इन सभी मामलों में अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2 सितंबर की बैठक के बाद राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था किस नए रूप में सामने आएगी।
Location : Ayodhya
Published : 27 August 2026, 9:54 AM IST
Topics : Ayodhya Ram Mandir CEO Model Ram Mandir Trust