क्या शाम के बाद नमक देना कंगाली को न्योता है? जानिए सूर्यस्त के बाद क्यों मना है लेन-देन

सूर्यस्त के बाद नमक का लेन-देन क्यों वर्जित माना गया है? जानिए वास्तु शास्त्र, ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शाम को नमक देने या लेने से घर की समृद्धि, शांति और धन पर क्या प्रभाव पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 October 2026, 3:00 PM IST

New Delhi: भारतीय समाज में सदियों से कई ऐसी मान्यताएं और परंपराएं चली आ रही हैं, जिनका पालन लोग आज भी बड़ी आस्था के साथ करते हैं। इन्हीं में से एक नियम है सूर्यास्त के बाद किसी को नमक उधार न देना और न ही किसी से उधार लेना।

अक्सर बुजुर्ग घर में सलाह देते हैं कि शाम ढलने के बाद पड़ोसी या रिश्तेदार को नमक देने से बचना चाहिए। लोक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर की सुख-शांति, समृद्धि और आर्थिक बरकत में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।

वास्तु शास्त्र और सकारात्मक ऊर्जा का संबंध

वास्तु शास्त्र में नमक को केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि ऊर्जा का बहुत बड़ा संवाहक माना गया है। नमक के भीतर आसपास की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने और सकारात्मकता फैलाने की अद्भुत क्षमता होती है।

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वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, नमक का सीधा संबंध घर की आर्थिक स्थिति और धन-धान्य से होता है। जब कोई व्यक्ति सूर्यास्त के बाद अपने घर से नमक किसी दूसरे को देता है, तो माना जाता है कि वह अपने घर की लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा को विदा कर रहा है।

ज्योतिष में शुक्र, राहु और शनि का प्रभाव

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से नमक का संबंध मुख्य रूप से शुक्र और चंद्रमा से माना जाता है, जो धन, वैभव और मानसिक शांति के कारक ग्रह हैं। वहीं, काला या खड़ा नमक राहु और शनि से भी जुड़ा होता है। सूर्यास्त के समय जब दिन और रात का मिलन होता है, उस संधि काल में नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रभावी होती हैं। इस समय नमक का लेन-देन करने से घर के ग्रहों की स्थिति बिगड़ने लगती है, जिससे आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और परिवार के सदस्यों के बीच कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण

धार्मिक और वास्तु कारणों के अलावा इस परंपरा के पीछे एक व्यावहारिक दृष्टिकोण भी रहा है। प्राचीन काल में जब बिजली की व्यवस्था नहीं हुआ करती थी, तब सूर्यास्त के बाद अंधेरे में चींटियों, कीड़े-मकोड़ों या अशुद्ध चीजों के नमक में गिरने का खतरा रहता था।

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शुद्धता बनाए रखने और शाम के समय अनजाने में होने वाले नुकसान से बचने के लिए बुजुर्गों ने सूर्यास्त के बाद नमक सहित कुछ खास वस्तुओं के लेन-देन पर रोक लगाई थी, जो आज भी परंपरा के रूप में जारी है।

Location :  New Delhi

Published :  3 October 2026, 3:00 PM IST