
घर का मुख्य द्वार बदल सकता है किस्मत (Img- AI)
New Delhi: घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यह घर में प्रवेश करने वाली ऊर्जा का मुख्य स्रोत भी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, 32 प्रवेश द्वारों की श्रृंखला में हर दिशा का अपना एक विशेष महत्व और प्रभाव होता है। इंटीरियर वास्तु प्लानर और कंसलटेंट रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, यदि घर का मुख्य द्वार रोग या नाग दिशा में बन जाए, तो परिवार के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वास्तु विशेषज्ञ रानी टिबड़ेवाल बताती हैं कि यदि आपके घर का प्रवेश द्वार रोग दिशा में स्थित है, तो ऐसे घर में रहने वाले लोगों पर दूसरों की नकारात्मक नजर और बुरे इरादों का सीधा असर पड़ता है। इसके कारण परिवार में अकारण धन हानि, बीमारियों का घेरा और मानसिक तनाव बना रहता है।
अचूक उपाय: इस नकारात्मक प्रभाव से बचाव के लिए प्रवेश द्वार पर 'धन्वंतरि यंत्र' की स्थापना करनी चाहिए। धन्वंतरि यंत्र घर के वातावरण को पवित्र करता है और बाहरी बुरी नजर व नकारात्मक ऊर्जा को निष्प्रभावी कर देता है।
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यदि घर का मुख्य द्वार 'नाग' दिशा की तरफ बनता है, तो यह व्यक्ति के जीवन में गुप्त और प्रत्यक्ष शत्रुओं (दुकान/व्यवसाय या सामाजिक जीवन में) की संख्या बढ़ा देता है। इस दिशा के दोष के कारण लोगों के साथ छोटी-छोटी बातों पर अनबन होने लगती है और सामाजिक संबंध बिगड़ने लगते हैं।
अचूक उपाय: नाग दिशा के वास्तु दोष को दूर करने के लिए मुख्य द्वार पर 'शिव यंत्र' स्थापित करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। भगवान शिव का यह यंत्र घर में सुख-शांति लाता है और शत्रुओं के प्रभावों को समाप्त करता है।
अगर आप अपने घर में यह जानना चाहते हैं कि रोग और नाग दिशाएं ठीक कहां स्थित हैं, तो इसके लिए आप हमारी पिछली वीडियो देख सकते हैं। दिशाओं की सटीक जानकारी और पहचान के लिए वीडियो का लिंक कमेंट बॉक्स में दे दिया गया है, जिसकी मदद से आप अपने घर का सही वास्तु विश्लेषण कर सकते हैं।
Location : New delhi
Published : 22 August 2026, 5:21 PM IST