Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर की दानराशि में गबन का आरोप, आखिर श्रद्धालुओं का दान कहां गया?

राम मंदिर की दानराशि में कथित गबन मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के एक पदाधिकारी का कर्मी इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। अधिकांश रकम वापस कराई जा चुकी है और मामले की जांच को लेकर वित्तीय पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 June 2026, 11:55 AM IST

Ayodhya: अयोध्या स्थित राम मंदिर की दानराशि में कथित गबन के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के एक पदाधिकारी का कर्मी इस पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों द्वारा मामले की पड़ताल की जा रही है और कई स्तरों पर पूछताछ भी की गई है। बताया जा रहा है कि मामले के सामने आने के बाद संबंधित कर्मी से पूछताछ की गई, जिसके बाद कथित तौर पर दानराशि का बड़ा हिस्सा वापस जमा कराया गया है।

दिल्ली तक पहुंची मामले की गूंज

सूत्रों का कहना है कि इस मामले की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। कथित अनियमितताओं को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी जवाब-तलब किया गया है। प्रदेश पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी ट्रस्ट के संपर्क में हैं और जांच प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर इसकी निगरानी किए जाने की चर्चा है।

कई दिनों से गायब की जा रही थी दानराशि

जांच में यह बात भी सामने आई है कि दान के रूप में मिलने वाली रकम को लंबे समय से कथित रूप से गायब किया जा रहा था। यही कारण है कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रकरण की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराए जाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।

ट्रस्ट के वित्तीय लेखे-जोखे को सार्वजनिक करने की मांग

इस विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र में ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक प्राप्त दान, आय-व्यय, बैंक खातों, भूमि खरीद-बिक्री और अन्य संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इससे पहले भी दानराशि गबन प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग उठ चुकी है।

श्रद्धालुओं को जानकारी देने की उठी मांग

पत्र में कहा गया है कि देश और विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया है। ऐसे में प्रत्येक दानदाता को यह जानने का अधिकार है कि उसके द्वारा दी गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। मांग की गई है कि ट्रस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दान, खर्च, बैंक खातों के लेन-देन, सोना-चांदी सहित अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का पूरा विवरण सार्वजनिक करे।

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जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

राम मंदिर दानराशि गबन मामले को लेकर अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, वित्तीय पारदर्शिता को लेकर उठ रही मांगों के बीच ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।

Location :  Ayodhya

Published :  13 June 2026, 11:55 AM IST