Ujjain Kal Bhairav Temple: मिठाई नहीं, यहां प्रसाद में मिलती है भस्म, जानिए उज्जैन के काल भैरव मंदिर की यह अद्भुत परंपरा

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित काल भैरव मंदिर में भक्तों को मिठाई की जगह भस्म (राख) का प्रसाद मिलता है। यह भस्म जीवन की नश्वरता और अहंकार त्यागने का संदेश देती है। जानिए भगवान शिव के इस उग्र स्वरूप और मंदिर की अनोखी मान्यताओं के बारे में।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 July 2026, 4:48 PM IST

New Delhi: भारत में अक्सर मंदिरों में दर्शन के बाद भक्तों को लड्डू, पेड़ा या फल का प्रसाद मिलता है। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर का नज़ारा बिल्कुल अलग और अनोखा है।

यहां भक्तों को प्रसाद के रूप में सामान्य मिठाइयां नहीं, बल्कि भस्म (भभूत) दी जाती है। यह भस्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इंसानी शरीर की नश्वरता और जीवन के सबसे कड़वे सच को दर्शाने वाला एक गहरा आध्यात्मिक संदेश है।

भस्म के प्रसाद के पीछे का गहरा संदेश

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म इस बात की याद दिलाती है कि दुनिया का हर भौतिक सुख, धन-दौलत और इंसानी शरीर एक न एक दिन राख में मिल जाएगा, केवल आत्मा ही अजर-अमर है। भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव की पूजा में भस्म धारण करना वैराग्य, सादगी और अहंकार मुक्ति का प्रतीक माना गया है। श्रद्धालु इस भस्म को बेहद श्रद्धा से अपने माथे पर लगाते हैं और भगवान का सुरक्षा कवच मानकर घर ले जाते हैं।

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मदिरा भोग और शिव-भैरव का संबंध

उज्जैन की सप्तपुरी परंपरा और तंत्र साधना में काल भैरव मंदिर का बहुत बड़ा स्थान है। इस मंदिर की एक और प्रसिद्ध और रहस्यमयी परंपरा है भगवान को मदिरा (शराब) का भोग लगाना। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव भस्म प्रिय हैं और काल भैरव संकटों से रक्षा करने वाले देवता माने जाते हैं। इसलिए यहां आने वाला हर भक्त भस्म धारण कर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करता है।

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इसे चमत्कार नहीं, धर्म और सदाचार का पाठ समझें

काल भैरव मंदिर में मिलने वाली भस्म हमें यह सिखाती है कि जीवन में लालच, अहंकार और मोह को छोड़कर सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। इसे किसी अंधविश्वास या चमत्कार के रूप में देखने के बजाय भगवान के आशीर्वाद और जीवन जीने की सही प्रेरणा के रूप में देखना चाहिए। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु इस अनोखी परंपरा का अनुभव करने उज्जैन पहुंचते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 July 2026, 4:45 PM IST