
शिवलिंग स्थापना के नियम (Img- Pinterest)
New Delhi: भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन शुरू हो चुका है। इस दौरान हर भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए मंदिरों के चक्कर लगाता है तथा घर में पूजा-पाठ करता है। हालांकि, अक्सर लोगों के मन में यह दुविधा रहती है कि क्या घर के मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करना सही है?
शास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर में शिवलिंग रखा जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके और कोई भूल न हो।
लिंग पुराण के अनुसार, बाजार में कई प्रकार के शिवलिंग मिलते हैं, जैसे पत्थर या स्फटिक के शिवलिंग। लेकिन सामान्यतः पत्थर या स्फटिक के शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा करानी अनिवार्य होती है। वहीं काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, नर्मदा नदी से निकलने वाले नर्मदेश्वर शिवलिंग को घर के लिए सबसे पवित्र और उत्तम माना गया है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी अलग प्राण-प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती। इसे आप सावन के इस पावन महीने में लाकर घर के पूजा स्थल पर आसानी से स्थापित कर सकते हैं।
यदि आप घर में शिवलिंग स्थापित कर रहे हैं, तो उसकी नियमित सेवा करना आवश्यक है। रोजाना स्नान के बाद शिवलिंग का गंगाजल या किसी भी पवित्र नदी के जल से अभिषेक करें। सावन सोमवार या विशेष तिथियों पर दूध, दही, गन्ने का रस और नारियल पानी से अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है।
जल चढ़ाने के बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, ताजे सुगंधित फूल, भस्म और चंदन अर्पित करें। अंत में धूप, अगरबत्ती और दीपक जलाकर आरती करें। ध्यान रखें कि पूजा का यह क्रम टूटना नहीं चाहिए।
घर में शिवलिंग रखने का सबसे बड़ा नियम यही है कि वहां स्वच्छता और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए। शिवलिंग का आकार हमेशा अंगूठे के आकार (छोटा) का होना चाहिए, ज्यादा बड़े आकार का शिवलिंग घर में रखना वर्जित माना गया है।
इसके अलावा, रोजाना सुबह-शाम दीपक जलाना और जलाभिषेक करना न भूलें। अगर आप नियमपूर्वक नर्मदेश्वर शिवलिंग की सेवा करते हैं, तो महादेव की कृपा से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हमेशा बना रहता है।
Location : New Delhi
Published : 31 July 2026, 8:23 AM IST