
आंखों पर पट्टी बांधकर शुरू की 180 किलोमीटर की यात्रा (Source: Dynamite News)
Muzaffarnagar: सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था के साथ सामाजिक संदेश भी देखने को मिल रहे हैं। मुजफ्फरनगर जनपद से गुजर रही कांवड़ यात्रा में एक शिवभक्त अपने अनोखे संकल्प के चलते लोगों का ध्यान खींच रहा है। शिवभक्त सुनील अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर करीब 180 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ एक गाय भी कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनी हुई है।
शिवभक्त सुनील हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर अपनी टोली के साथ बागपत जिले के शाहपुर बड़ौली गांव के लिए रवाना हुए हैं। उनका कुल सफर करीब 180 किलोमीटर का है। सुनील ने बताया कि उन्होंने 4 अगस्त की रात करीब 11 बजे गंगाजल उठाने के साथ ही अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी।
उनका संकल्प है कि वे 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने के बाद ही आंखों से पट्टी हटाएंगे।
सुनील की कांवड़ यात्रा में सबसे खास बात यह है कि उनके साथ एक गाय भी चल रही है। रास्ते से गुजरने के दौरान गाय और आंखों पर पट्टी बांधे शिवभक्त को देखने के लिए लोग रुक रहे हैं।
सुनील का कहना है कि इस यात्रा के जरिए वह गौ संरक्षण का संदेश देना चाहते हैं। उनका मानना है कि समाज को गौवंश के साथ होने वाले अत्याचारों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
शिवभक्त सुनील ने बताया कि आंखों पर पट्टी बांधने का उद्देश्य लोगों का ध्यान गौवंश के प्रति हो रहे अत्याचारों की ओर आकर्षित करना है। उनका कहना है कि सनातन समाज को गौ माता के साथ होने वाले अत्याचार दिखाई देने चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस बार उनकी कांवड़ यात्रा गौ संरक्षण के संदेश को समर्पित है और कांवड़ के जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
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सुनील ने सरकार से गौ हत्या पर रोक लगाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने इतना कठिन संकल्प लिया है।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार से वह एक पिट्ठू बैग और गंगाजल के साथ यात्रा पर निकले हैं और गाय को भी अपने साथ लेकर चल रहे हैं।
सुनील के मुताबिक, उन्होंने हरिद्वार में गंगाजल उठाते समय आंखों पर पट्टी बांधी थी और अब 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के बाद ही पट्टी खोलेंगे। करीब 180 किलोमीटर की यह यात्रा उनके लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ गौ संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 8 August 2026, 8:17 AM IST