
संकष्टी चतुर्थी पर गणेश पूजा (सोर्स-Pinterest)
New Delhi: हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी आज, 02 अगस्त 2026 को गजानन संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत रखा जा रहा है। भगवान गणेश को समर्पित यह विशेष व्रत साधकों के जीवन के समस्त संकटों को दूर करने औरार उनके भाग्य को चमकाने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में गणेश जी की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक, सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 01 अगस्त की रात 11:07 मिनट पर हो चुकी थी। वहीं, इस तिथि का समापन आज यानी 02 अगस्त की सुबह 11:15 मिनट पर होगा। उदयातिथि के नियमों को ध्यान में रखते हुए, संकष्टी चतुर्थी का यह महत्वपूर्ण व्रत आज ही किया जा रहा है, जिससे व्रतियों को पूरे दिन का पुण्य प्राप्त होगा।
इस पावन दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करने के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण कर व्रत का संकल्प लिया जाता है।
शाम के समय पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा को विधि-विधान से स्थापित किया जाता है। इसके बाद-
पूजा के दौरान भगवान गणेश के इन प्रभावशाली मंत्रों का जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य चमक उठता है-
वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नम कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
ॐ गण गणपतए नमः।।
गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जंबू फल चारु भक्षणम, उमा शतम् शोक विनाश कार्यक्रम, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम।।
आज के दिन श्रद्धा और सच्चे मन से इन मंत्रों का जाप करने वाले भक्तों के सभी कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे होते हैं।
Location : New Delhi
Published : 2 August 2026, 10:49 AM IST