Chaitra Navratri 2026: छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि और बाधाओं को दूर करने के उपाय

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। जानिए उनकी पूजा विधि, भोग, मंत्र और विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपाय।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 24 March 2026, 9:19 AM IST

New Delhi: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मां दुर्गा के छठे स्वरूप के रूप में पूजी जाने वाली कात्यायनी देवी शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यता है कि उनकी सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

मां कात्यायनी का दिव्य स्वरूप

मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और प्रभावशाली माना जाता है। वे सिंह पर सवार चार भुजाओं वाली देवी हैं। उनके हाथों में तलवार और कमल का फूल होता है, जबकि अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में होते हैं। उनकी कृपा से भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दुखों का नाश होता है।

महर्षि कात्यायन की तपस्या का फल

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या के फलस्वरूप हुआ था। जब महिषासुर के अत्याचारों से देवता परेशान हो गए थे, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश की तेज से देवी का प्राकट्य हुआ। महर्षि कात्यायन ने सबसे पहले उनकी पूजा की, इसी कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा।

विवाह में बाधाएं दूर करने वाली देवी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में समस्याएं हैं, उन्हें मां कात्यायनी की विशेष पूजा करनी चाहिए। उनकी कृपा से विवाह से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

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मां कात्यायनी को प्रिय भोग और वस्तुएं

मां कात्यायनी को शहद और पीले रंग की वस्तुएं अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं। भक्त उन्हें बेसन के लड्डू, केसर युक्त चावल और पीले-लाल फूल अर्पित कर सकते हैं। विशेष रूप से चमेली के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

पूजा विधि और उपाय

इस दिन सुबह स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। मां कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उनका ध्यान करें। इसके बाद कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन अर्पित करें। धूप-दीप जलाएं और देवी मंत्रों का जाप करें। दुर्गा सप्तशती के छठे अध्याय का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

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आस्था और भक्ति का पर्व

चैत्र नवरात्रि का यह दिन भक्तों के लिए विशेष आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। माना जाता है कि मां कात्यायनी की सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

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  • 24 March 2026, 9:19 AM IST