आज 21 मार्च को नवरात्रि का तीसरा दिन है। यह दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है, जो हमें डर से लड़ने की ताकत देती हैं। आइए ऐसे में जानते हैं कि आज के दिन का क्या महत्व है और मां को क्या पसंद है व अन्य जानकारी

माँ चंद्रघंटा (source: google)
New Delhi: चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन (तृतीया) बहुत खास माना जाता है। यह दिन मां दुर्गा के 'चंद्रघंटा' रूप की पूजा के लिए है। मां के सिर पर आधे चांद के आकार का एक घंटा है, इसलिए उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो अक्सर घबरा जाते हैं या जिन्हें बहुत तनाव रहता है। मां की पूजा करने से मन शांत होता है, डर दूर होता है और खुद पर भरोसा बढ़ता है।
मां चंद्रघंटा का रूप एक वीर योद्धा जैसा है। वे शेर पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथ हैं, जिनमें उन्होंने कई अस्त्र-शस्त्र पकड़े हुए हैं। माना जाता है कि उनके गले में मौजूद घंटे की आवाज इतनी शक्तिशाली है कि उससे सारी बुरी शक्तियां और नकारात्मक ऊर्जा दूर भाग जाती है। उनकी पूजा करने से घर में शांति आती है और बाधाएं दूर होती हैं।
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पुरानी कहानियों के अनुसार, एक समय महिषासुर नाम के राक्षस ने स्वर्ग पर कब्जा कर लिया था और देवताओं को बहुत परेशान किया। तब ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी के क्रोध से एक दिव्य शक्ति पैदा हुई, जिसे हम मां चंद्रघंटा कहते हैं। सभी देवताओं ने उन्हें अपनी शक्तियां और हथियार दिए। इसके बाद मां ने महिषासुर से युद्ध किया और उसे हराकर देवताओं को फिर से स्वर्ग वापस दिलाया।
माना जाता है कि मां चंद्रघंटा को दूध बहुत पसंद है। इसलिए आज के दिन दूध या दूध से बनी चीजों का भोग लगाना सबसे अच्छा रहता है। आप मां को चावल की खीर का भोग लगा सकते हैं। अगर खीर बनाना मुमकिन न हो, तो आप केवल दूध या दूध से बनी कोई मिठाई (जैसे पेड़ा या बर्फी) भी चढ़ा सकते हैं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।