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रामनवमी के पावन अवसर पर आज रामनगरी अयोध्या पूरी तरह राममय हो गई है। विज्ञान और आध्यात्म के संगम से रामलला का सूर्य अभिषेक होने की पूरी तैयारी हो चुकी है, 4 मिनट तक ठहरने वाली इन किरणों और मंदिर की भव्य सजावट की पूरी जानकारी पढ़ें यहां…
अयोध्या में राम लला का भव्य सूर्य तिलक (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Ayodhya: मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या आज एक ऐसे ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है, जिसका इंतजार सदियों से था। आज रामनवमी के पावन अवसर पर रामलला के भव्य मंदिर में जन्मोत्सव की धूम है। पूरे देश की नजरें उस घड़ी पर टिकी हैं, जब विज्ञान और आध्यात्म के अनूठे संगम से प्रभु के ललाट पर साक्षात सूर्य देव तिलक होने जा रहा है।
आज दोपहर जब घड़ी की सुइयां ठीक 12 पर पहुंचेंगी, तब मंदिर के शिखर से सूर्य की किरणें विशेष दर्पणों और लेंस के जरिए सीधे गर्भगृह में विराजित रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार, यह 'सूर्य तिलक' लगभग 4 मिनट तक प्रभु के ललाट को आलोकित करेगा। ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि इस अलौकिक दृश्य को बेहद मनोहारी बनाने के लिए सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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प्रभु के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए पूरी अयोध्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अनुमान है कि आज करीब 50 लाख श्रद्धालु रामनगरी की सीमाओं में मौजूद रहेंगे। राम मंदिर सहित अयोध्या के सभी मठ-मंदिरों को देशी-विदेशी विशेष फूलों से सजाया गया है। पूरी नगरी रोशनी से नहाई हुई है और चारों ओर 'जय श्री राम' के जयघोष सुनाई दे रहे हैं।
इतनी भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अयोध्या की ओर आने वाले सभी भारी वाहनों का रूट बदल दिया गया है और शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह परिवर्तित किया गया है। सरयू के स्नान घाटों पर गोताखोर और पुलिस बल तैनात है, जबकि पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
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आज दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव शुरू होते ही पूरी अयोध्या उत्सव के सागर में डूब जाएगी। यह आयोजन केवल आज तक सीमित नहीं है, बल्कि राम जन्म से लेकर 'छठ' तक चलने वाले तमाम कार्यक्रमों को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन की समय सीमा भी बढ़ा दी है ताकि हर श्रद्धालु अपने आराध्य की एक झलक पा सके।