
हर-हर महादेव से गूंजा कश्मीर (Img- Pinterest)
New Delhi: सनातन आस्था का प्रतीक वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 ने शनिवार को अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार तड़के जम्मू के ऐतिहासिक भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर के लिए रवाना हुआ।
वहीं दूसरी ओर, पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं के दूसरे जत्थे ने दक्षिण कश्मीर हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर अपनी पैदल यात्रा शुरू कर दी है। पूरी घाटी इस समय 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान है।
अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील रास्तों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने इन पुख्ता इंतजामों की जमकर सराहना की है।
इसके साथ ही, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए उधमपुर स्वास्थ्य विभाग ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच 44) पर एक बेहद मजबूत मेडिकल सिस्टम तैयार किया है। यह विशेष चिकित्सा टीम टिकरी काली माता मंदिर से लेकर चेनानी-नाशरी टनल तक के पूरे हिस्से को कवर कर रही है ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना, कड़ी सुरक्षा के बीच 57 दिन चलेगी पवित्र यात्रा
कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को बालटाल और पहलगाम, दोनों ही मुख्य मार्गों से यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ था। बालटाल मार्ग से सुबह सबसे पहले रवाना हुए जत्थे के कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन कर बेहद हर्षोल्लास के साथ बेस कैंप वापस लौट आए हैं।
पवित्र गुफा के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर एक अलग ही दिव्य चमक और संतोष दिखाई दिया। इन श्रद्धालुओं ने बताया कि इस वर्ष पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी अपने पूर्ण और बेहद विहंगम आकार में विराजमान हैं, जो भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
पहले दिन दर्शन करने वाले यात्रियों ने खुद को परम सौभाग्यशाली बताया, क्योंकि उन्हें पहली आरती और प्रथम पूजा के दौरान बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप को साक्षात निहारने का अवसर मिला।
श्रद्धालुओं ने साझा किया कि यात्रा मार्ग पर पहाड़ों के बदलते मौसम और ठंड ने उनकी कड़ी परीक्षा जरूर ली, लेकिन भोलेनाथ की अटूट भक्ति के आगे सारी मुश्किलें बेहद आसान हो गईं। गुफा से बाहर आते ही जत्थे का हर एक सदस्य पूरी तरह से शिव की भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आया।
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पहले जत्थे में शामिल महाराष्ट्र के श्रद्धालु पंकज सावंत ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे ही पवित्र गुफा के लिए निकल पड़े थे। चढ़ाई के दौरान तेज बारिश और घने कोहरे के कारण रास्ता काफी कठिन और फिसलन भरा हो गया था, लेकिन बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा से सभी बाधाएं पार हो गईं।
पंकज ने बताया कि जब वे सुबह करीब नौ बजे पवित्र गुफा पहुंचे, तो वहां भीड़ बहुत कम थी। इस वजह से उन्हें करीब 5 से 10 मिनट तक शांतिपूर्वक पवित्र शिवलिंग के दर्शन और ध्यान लगाने का दुर्लभ अवसर मिला, जिसने उन्हें आत्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। श्राइन बोर्ड के इन प्रयासों की चारों तरफ तारीफ हो रही है।
Location : New Delhi
Published : 4 July 2026, 10:49 AM IST