
ध्वनि नियमों के पालन पर पांचों वक्त अजान में बाधा न डालने का आदेश (Img: Pinterest)
Allahabad: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर की आयशा मस्जिद में पांचों वक्त अजान को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्देशों का पालन किया जा रहा है, तो पुलिस और जिला प्रशासन अजान में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। हालांकि, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर निर्धारित ध्वनि सीमा और समय संबंधी नियम लागू रहेंगे।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने शानवाज खान और पांच अन्य की ओर से दाखिल याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने आयशा मस्जिद में दिन में पांच बार अजान देने और इसके लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से संबंधित न्यायिक आदेश मौजूद होने के बावजूद अधिकारी उन्हें अजान के लिए ध्वनि विस्तारक उपकरण का इस्तेमाल नहीं करने दे रहे हैं।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं को अजान देने से नहीं रोका जा रहा है। प्रशासन की आपत्ति केवल लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के तरीके को लेकर है। सरकार ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत लाउडस्पीकर के लिए ध्वनि की अनुमन्य सीमा और उसके इस्तेमाल का समय निर्धारित है।
राज्य सरकार ने 2020 के अफजल अंसारी व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया। उस फैसले में अदालत ने कहा था कि अजान इस्लाम का धार्मिक हिस्सा हो सकती है, लेकिन लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक उपकरण के माध्यम से अजान देना धर्म का अनिवार्य और अभिन्न हिस्सा नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि ध्वनि विस्तारक उपकरणों का इस्तेमाल सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों तथा ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के अधीन रहेगा।
ध्वनि प्रदूषण नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। ऐसे में अजान के दौरान भी निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का पालन करना जरूरी होगा।
वर्तमान मामले में याचिकाकर्ताओं ने अदालत को आश्वासन दिया कि वे ध्वनि प्रदूषण नियमों और पूर्व न्यायिक निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेंगे। कोर्ट ने उन्हें अपने हस्ताक्षरयुक्त नोटरीकृत हलफनामे के साथ आवेदन दाखिल करने को कहा।
इसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि नियमों का पालन होने की स्थिति में पांचों वक्त अजान में अनावश्यक हस्तक्षेप न किया जाए। हालांकि, यदि नियमों या हलफनामे में दिए गए आश्वासन का उल्लंघन होता है, तो संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकेंगे।
Location : Saharanpur
Published : 7 October 2026, 6:30 PM IST
Topics : Allahabad High Court Azaan Loudspeaker Azaan Order Loudspeaker Rules Noise Pollution Rules 2000