Punjab News: पैसों के लिए बेच रहे थे देश की खुफिया जानकारी? पुलिस ने ऐसे तोड़ा जासूसी नेटवर्क

जालंधर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां भेज रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत केस दर्ज किया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 26 June 2026, 4:27 PM IST

Jalandhar: पंजाब के जालंधर में पुलिस ने एक ऐसे जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि तीन स्थानीय युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और देश की संवेदनशील जानकारियां उनके पास पहुंचा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इन युवकों को खुफिया जानकारी देने के बदले मोटी रकम दी जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।

जालंधर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन युवक गिरफ्तार

जालंधर पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन, एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन और डीएसपी इन्वेस्टिगेशन की अगुवाई में विशेष टीम बनाई गई थी। इसी टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों युवक जालंधर के ही रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह, भगत वर्मा और सचिन खोसला के रूप में हुई है। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही है।

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पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम करने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तान में बैठे शहजाद पट्टी और समाज गुर्जर जैसे हैंडलर्स के संपर्क में थे। आरोप है कि ये लोग भारत में बैठकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवकों को तैयार कर रहे थे। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बाद धीरे-धीरे उनसे संवेदनशील जानकारियां मांगी जाती थीं और इसके बदले पैसे देने का लालच दिया जाता था।

सरकारी और सुरक्षा ठिकानों की करते थे रेकी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी भारत के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर चुके थे। उन्होंने पंजाब के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी जाकर सरकारी इमारतों और सुरक्षा से जुड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाई। आरोपियों ने इन जगहों की तस्वीरें, नक्शे और अन्य जरूरी जानकारियां एकत्र कीं। इसके बाद यह डेटा पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने किन-किन जगहों की जानकारी साझा की और इससे कितना बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

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सोशल मीडिया बना जासूसी का माध्यम

अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में सोशल मीडिया की भूमिका अहम रही है। आरोपी अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े थे। पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन गतिविधियों के लिए विदेशों से फंडिंग की जा रही थी।

UAPA के तहत मामला दर्ज

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़े कानून के तहत कार्रवाई की है। UAPA के तहत केस दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और सुरक्षा कारणों से कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकती हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

Location :  Jalandhar

Published :  26 June 2026, 4:27 PM IST