कढ़ी-चावल बेचने वाला बना करोड़ों का ठग: मर्सिडीज का लालच देकर पढ़े-लिखे लोगों को लगाया 8 करोड़ का चूना

पंचकूला में कढ़ी-चावल की रेहड़ी लगाने वाले राजेश ने ऑनलाइन निवेश और मर्सिडीज कार का झांसा देकर लोगों से 8 करोड़ रुपये की ठगी की। साइबर पुलिस ने शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 8 October 2026, 10:13 AM IST
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Panchkula: हरियाणा के पंचकूला में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कढ़ी-चावल की रेहड़ी लगाने वाले राजेश उर्फ नाना ने ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर क्राइम पुलिस की शुरुआती जांच में लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक के इस बड़े निवेश घोटाले का खुलासा हुआ है।

इस घटना ने आम जनता के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी हैरान कर दिया है कि कैसे एक साधारण रेहड़ी वाला साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का मुख्य मोहरा बन गया।

कैसे हुई इस शातिर खेल की शुरुआत

पुलिस जांच से यह बात सामने आई है कि राजेश को उसके दोस्त प्रमोद कंबोज ने 'ब्लूम कंपनी' नामक एक संदिग्ध पोर्टल से जोड़ा था। शुरुआत में राजेश ने इस पोर्टल में मात्र 7,500 रुपये का निवेश किया था। जब वह कंपनी बंद हो गई, तो उसने दूसरी स्कीम में दो लाख रुपये लगाए। इसके बाद धीरे-धीरे उसने निवेशकों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया।

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चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के कई अन्य शहरों में बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित किए गए, जहां लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर इस योजना से जोड़ा गया। अधिक नेटवर्क बनाने के कारण राजेश को इस कंपनी में 'सीनियर प्रोजेक्ट हेड' की बड़ी जिम्मेदारी भी मिल गई थी।

मर्सिडीज कार और लग्जरी लाइफस्टाइल का दिखावा

आरोपी राजेश ने दावा किया था कि कंपनी की तरफ से उसे तोहफे में एक शानदार मर्सिडीज कार दी गई है और उसने बहुत कम समय में दो करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। आरोपियों का यह लग्जरी लाइफस्टाइल ही निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने का सबसे बड़ा जरिया बना। जो लोग शुरुआत में मोटरसाइकिल पर आया करते थे, वे कुछ ही समय में ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी और आलीशान गाड़ियों में दिखने लगे।

इसी दिखावे और चमक-धमक से प्रभावित होकर कई बड़े कारोबारी और पढ़े-लिखे लोग भी इस फर्जी निवेश योजना में अंधाधुंध पैसा लगाते चले गए। पीड़ितों के नुकसान की भरपाई कराने के लिए अब पुलिस ने अदालत में औपचारिक अर्जी दी है।

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एप पर आंकड़ों की हेरफेर और दुबई का लालच

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ब्लूम ड्राइव, एलपीएनटी क्रिप्टोकरेंसी, एमएसवीपी (मेटा सायल वर्से प्लान) और सायल वर्से जैसे आकर्षक नामों से कई फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे।

इन मोबाइल एप्स पर निवेश की गई रकम और रिटर्न के आंकड़ों में इस तरह से हेरफेर की जाती थी कि मात्र छह महीने में 30 लाख रुपये के निवेश को बढ़ाकर 68 लाख रुपये तक दिखाया जाता था। इसके अलावा, निवेशकों को दुबई में आलीशान फ्लैट और प्लॉट दिलाने का लालच भी दिया जाता था, जिसके झांसे में आकर दर्जनों लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठे।

Location :  Panchkula

Published :  8 October 2026, 10:13 AM IST

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