ममता की उंगली छूटी और निगल गया बस का पहिया! पंजाब में चालक की वो एक लापरवाही, जिसने उजाड़ दी हंसती-खेलती दुनिया

लुधियाना के माछीवाड़ा में बुधवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। अपनी बहन को स्कूल बस में बैठाने गए 3 वर्षीय मासूम समरदीप सिंह की बस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जानिए सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाती इस घटना का पूरा सच।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 July 2026, 4:23 PM IST

Ludhiana: पंजाब के लुधियाना स्थित माछीवाड़ा साहिब क्षेत्र से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने बच्चों की सुरक्षा का दावा करने वाले स्कूलों और उनके भारी-भरकम वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। बुधवार सुबह गांव सालू भैणी में एक 3 साल का मासूम समरदीप सिंह अपनी मां अमनदीप कौर के साथ बड़ी बहन रमनदीप को स्कूल बस में बैठाने गया था।

लेकिन चंद मिनटों में खुशियों का यह सुबह का सफर जीवन के सबसे बड़े मातम में बदल गया। यह हादसा सिर्फ एक ड्राइवर की लापरवाही नहीं है, बल्कि यह बड़े वाहनों के आगे छिपे उस 'ब्लाइंड स्पॉट' (अंधे मोड़) का सच है, जिसके प्रति ड्राइवरों को कभी जागरूक ही नहीं किया जाता।

बिना देखे दबा दिया एक्सीलेटर

रोज की तरह मां अपनी बेटी को सुरक्षित बस के भीतर चढ़ा रही थी। इसी बीच छोटा समरदीप मां की उंगली छोड़कर उत्सुकतावश बस के ठीक आगे वाले हिस्से की तरफ चला गया।

पंजाब में खूनी लव स्टोरी: जिसे चुना हमसफर…वो ही बना कसाई, इस वारदात को सुन कांप जाएगी आपकी रूह

चश्मदीदों के मुताबिक, ड्राइवर ने सीट पर बैठने के बाद यह देखने की जहमत भी नहीं उठाई कि बस के ठीक आगे बंपर के पास कोई बच्चा या अवरोध तो नहीं है। उसने बिना किसी सतर्कता के गाड़ी आगे बढ़ा दी और भारी पहिया मासूम समरदीप को कुचलता हुआ निकल गया। मौके पर ही मासूम ने तड़पकर दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों ने पीछा कर दबोचा

इस वीभत्स घटना के बाद ड्राइवर ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और कुछ किलोमीटर दूर जाकर बस को जबरन रुकवाया।

सूचना मिलते ही कूमकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पंजाब में सियासी घमासान के बीच बेंगलुरु पहुंचे सीएम भगवंत मान, डिटॉक्स कार्यक्रम में होंगे शामिल; जानें क्या है उनका अगला प्लान

स्कूल बसों की सुरक्षा और ट्रेनिंग पर उठते गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद स्कूल बसों में फ्रंट प्रॉक्सिमिटी मिरर (आगे देखने वाले विशेष शीशे) या सेंसर क्यों नहीं लगाए जाते, जो ड्राइवर की नजर से छिपे छोटे बच्चों को दिखा सकें। जब तक ड्राइवरों को पेशेवर रूप से प्रशिक्षित नहीं किया जाएगा, तब तक मासूम जिंदगियां ऐसे ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी।

Location :  Ludhiana

Published :  15 July 2026, 4:23 PM IST