
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (Img: Pinterest)
Chandigarh: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। अपने आदेशों का पालन न होने के कारण हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अदालत ने मुख्य सचिव को एक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि अदालत के निर्देशों को अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया है।
यह मामला पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता निर्मल सिंह ढिल्लों द्वारा दायर की गई अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बकाया महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के भुगतान के संबंध में हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है।
न्यायमूर्ति हर्ष बंगर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए वकील ने तर्क दिया कि पंजाब सरकार अदालत के आदेशों को लागू करने से बचने के लिए टालमटोल का रवैया अपना रही है। वकील ने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दो महीने से अधिक समय से 'डिफेक्ट लिस्ट' में लंबित पड़ी है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। अदालत ने सवाल किया कि वरिष्ठ अधिकारियों के लाभ क्यों नहीं रोके गए, जबकि कर्मचारियों के लाभ विशेष रूप से उनका महंगाई भत्ता रोक दिए गए। अदालत की यह टिप्पणी इस मामले में राज्य सरकार की जवाबदेही को लेकर उसके कड़े रुख को दर्शाती है।
हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और अगली सुनवाई के दौरान जो 3 नवंबर को तय की गई है व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अब मुख्य सचिव को अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि पिछले निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया और बकाया लाभों के संबंध में सरकार का क्या रुख है। पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाये के भुगतान के संदर्भ में यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Location : Chandigarh
Published : 27 October 2026, 4:50 PM IST