अकाली दल ने बढ़ाया हाथ, BJP ने कर दिया इनकार! 117 सीटों पर अकेले लड़ने के ऐलान से पंजाब में गड़बड़ाया चुनावी गणित

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अकाली दल और भाजपा के रिश्तों में नया मोड़ आ गया है। अकाली नेता गठबंधन के संकेत दे रहे हैं, जबकि भाजपा ने 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी का ऐलान किया है। जानिए दोनों दलों के पुराने गठबंधन, वोट शेयर और संभावित चुनावी समीकरण का पूरा गणित।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 26 August 2026, 1:31 PM IST

Chandigarh: पंजाब की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पुराने साथी शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच रिश्तों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अकाली दल की ओर से लगातार भाजपा के साथ दोबारा गठबंधन की संभावनाओं के संकेत दिए जा रहे हैं, लेकिन भाजपा ने फिलहाल साफ कर दिया है कि वह पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। यही विरोधाभास अब अकाली दल के लिए परेशानी का सबब बनता दिख रहा है। एक तरफ पार्टी के बड़े नेता भाजपा के साथ जाने की संभावना पर बयान दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा नेतृत्व गठबंधन की अटकलों को खारिज कर रहा है।

अकाली नेताओं ने गठबंधन की उम्मीदों को दी हवा

पिछले कुछ समय से अकाली दल के कई वरिष्ठ नेताओं के बयानों ने भाजपा के साथ दोबारा गठबंधन की चर्चाओं को हवा दी है। बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब के विकास और तरक्की के लिए दिल्ली के साथ समझौते की जरूरत की बात कही। इसके बाद पार्टी के महासचिव विक्रम सिंह मजीठिया ने भी अकाली दल और भाजपा के दोबारा साथ आने को समय की मांग बताया। वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका ने दावा किया कि पंजाब की जनता दोनों दलों को फिर से साथ देखना चाहती है। वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अगर भाजपा की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव आता है तो अकाली दल उस पर विचार करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी गठबंधन में पंजाब के हित और अकाली दल की राजनीतिक पहचान को प्राथमिकता दी जाएगी।

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117 सीटों पर अकेले लड़ेंगे चुनाव

अकाली दल की तरफ से गठबंधन के संकेतों के बीच भाजपा ने अपना रुख बिल्कुल अलग रखा है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी की बात दोहराई। भाजपा नेताओं ने गठबंधन की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह और केसर सिंह लों ने भी दावा किया कि पार्टी सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारी कर चुकी है। भाजपा का संदेश साफ है कि इस बार पार्टी किसी राजनीतिक दल के सहारे चुनाव लड़ने के बजाय अपने संगठन और वोट बैंक के दम पर पंजाब में विस्तार करना चाहती है।

जमीनी कार्यकर्ताओं में बढ़ा असमंजस

भाजपा के लगातार इनकार के बीच अकाली दल के जमीनी कार्यकर्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। कार्यकर्ता जानना चाहते हैं कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी किस दिशा में करेगी। अगर भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होता है तो क्या अकाली दल सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा या फिर कुछ चुनिंदा इलाकों पर फोकस करेगा? कार्यकर्ताओं को यह चिंता भी है कि लंबे समय तक गठबंधन की चर्चाओं में उलझे रहने से पार्टी का अपना राजनीतिक नैरेटिव कमजोर हो सकता है। ऐसे में नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं को स्पष्ट दिशा देने की है।

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किसान आंदोलन के बाद टूटा था गठबंधन

अकाली दल और भाजपा का रिश्ता पंजाब की राजनीति में काफी पुराना रहा है। दोनों दलों ने लंबे समय तक साथ मिलकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े। गठबंधन की सरकार भी चली। दोनों दलों के बीच मुख्य रूप से हिंदू और सिख वोट बैंक के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक पकड़ का समीकरण माना जाता था। हालांकि किसान आंदोलन के दौरान दोनों दलों के बीच रिश्तों में बड़ा बदलाव आया और गठबंधन टूट गया। इसके बाद दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरीं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पुराने रिश्ते की चर्चा दोबारा शुरू हो गई है।

2022 के आंकड़े बताते हैं क्यों अहम है गठबंधन

अगर पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावित ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली दल को करीब 18.38 प्रतिशत वोट मिले थे और पार्टी तीन सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी। वहीं भाजपा को करीब 6.60 प्रतिशत वोट मिले और उसके दो उम्मीदवार विजयी रहे। दोनों दलों के वोट शेयर को जोड़ने पर यह आंकड़ा करीब 25 प्रतिशत तक पहुंचता है। हालांकि अलग-अलग चुनावों में वोटों का ट्रांसफर हमेशा सीधा नहीं होता, लेकिन दोनों दलों के पारंपरिक समर्थक वर्गों के बीच तालमेल कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकता है।

Location :  Chandigarh

Published :  26 August 2026, 1:31 PM IST