
कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम (Img- X)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने उन 13 मुद्दों का जिक्र किया है, जिन्हें पार्टी आगामी चुनाव में उठाने की तैयारी कर रही है। इनमें बेरोजगारी, सरकारी भर्तियां, आरक्षण, किसानों की समस्याएं, महंगी शिक्षा, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदान के अधिकार और राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों को भी चुनावी बहस में शामिल करने की बात कही गई है।
कांग्रेस युवाओं में बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में है। राजेंद्र पाल गौतम ने 69,000 शिक्षक भर्ती का जिक्र करते हुए आरक्षित वर्गों के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एससी और एसटी वर्ग के हिस्से की 6,800 वैकेंसी सामान्य वर्ग को दे दी गईं। पार्टी एससी और ओबीसी आरक्षण से जुड़े सवालों को भी उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस छात्रवृत्ति मिलने में देरी और लाभार्थियों की संख्या घटने के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल कर सकती है। गौतम ने छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आने का दावा किया। इसके साथ ही सरकारी इंजीनियरिंग, मेडिकल और लॉ कॉलेजों में पढ़ाई के बढ़ते खर्च को भी चुनावी मुद्दा बनाने की बात कही गई है। कोचिंग, हॉस्टल, किताबों और परिवहन पर होने वाला खर्च मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता के रूप में उठाया जा सकता है।
किसानों से जुड़े सवालों में गन्ना बकाया, चीनी मिलों की समस्याएं और किसानों की आर्थिक स्थिति शामिल हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा को लेकर भी पार्टी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने की बात कर रही है।
राजेंद्र पाल गौतम ने दलितों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं को भी अहम मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि देश में दलित उत्पीड़न के कुल मामलों में 26 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। कांग्रेस कथित फर्जी मुठभेड़ों, पुलिस की कार्यप्रणाली और हिंसा की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा निजीकरण और ठेकेदारी व्यवस्था के कारण आरक्षित वर्गों के रोजगार अवसर प्रभावित होने का आरोप भी पार्टी के एजेंडे में शामिल हो सकता है।
कांग्रेस संविधान की रक्षा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वोट चोरी के आरोपों को चुनावी बहस का हिस्सा बनाना चाहती है। गौतम ने रामपुर में मतदाताओं को वोट डालने से रोकने और पुलिस बल प्रयोग का आरोप भी लगाया। वहीं, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच पर भी उन्होंने सवाल उठाए। इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए; इनकी पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।
कांग्रेस प्रभारी ने विशेष घटक योजना के तहत बनाए गए चार इंजीनियरिंग कॉलेज बंद किए जाने का आरोप लगाया। पार्टी इस मामले में सरकार से जवाब मांग सकती है। इन मुद्दों के जरिए कांग्रेस शिक्षा, सामाजिक न्याय और सरकारी नीतियों पर बहस खड़ी करने की तैयारी में है।
UP Election 2027: नौकरी, सरकारी भर्ती या अपना कारोबार? यूपी के युवा वोटर के मन में क्या चल रहा है
राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच साझा मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके बाद दोनों दलों की सहमति से कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार करने और उसके आधार पर साझा घोषणा पत्र बनाने की योजना है। हालांकि, इन 13 मुद्दों पर अंतिम चुनावी घोषणा पत्र में क्या शामिल होगा, यह दोनों दलों की बातचीत और आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगा।
Location : Lucknow
Published : 21 October 2026, 12:01 PM IST