पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। भवानीपुर विधानसभा सीट इस बार हाईवोल्टेज चुनाव का मैदान बनी है, जहां ममता और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने होंगे।

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Kolkata: पश्चिम बंगाल की सियासी गलियों में जैसे ही गर्म हवा चलना शुरू हुई, चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो गई। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने मंगलवार को 291 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की और राज्य के राजनीतिक समीकरण एकदम बदलते नजर आए। कालीघाट स्थित अपने आवास से उन्होंने यह ऐलान किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार भी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी और जीत की परंपरा को कायम रखेगी। इस घोषणा ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है और भवानीपुर को लेकर खास तौर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अपने आवास से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार पार्टी ने रणनीति इस तरह बनाई है कि अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन कायम रहे। सूची में कई मौजूदा विधायक फिर से मैदान में हैं, जबकि कुछ सीटों पर नई उम्मीदवारी पेश की गई है। पार्टी का मकसद है कि न सिर्फ चुनावी जीत हासिल हो, बल्कि राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत की जा सके।
भवानीपुर का मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली बार ममता बनर्जी दो सीटों से चुनाव में उतरी थीं- नंदीग्राम और भवानीपुर। नंदीग्राम में उनका मुकाबला भाजपा के नेता Shubhendu Adhikari से हुआ था, जहां ममता हार गई थीं। जबकि भवानीपुर से उन्होंने जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा ने रणनीति बदलते हुए शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाया है। यह सियासी दांव इतना बड़ा है कि भवानीपुर चुनाव को पूरी तरह से हाईवोल्टेज और बहुपरत वाला मुकाबला बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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भवानीपुर सीट का राजनीतिक महत्व सिर्फ चुनावी जीत-हार तक सीमित नहीं है। यह सीट ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर और टीएमसी के मजबूत होने का प्रतीक मानी जाती है। अगर भाजपा यहाँ जीत हासिल कर पाती है, तो यह ममता के नेतृत्व पर सीधे सवाल खड़े कर सकता है। वहीं टीएमसी के लिए यह सीट जीतना पार्टी की शक्ति और जनता के विश्वास का पैमाना होगा। भवानीपुर में होने वाला मुकाबला राज्य और देश दोनों ही स्तर पर सियासी नजरिए से बेहद अहम है। राजनीतिक पार्टियां इसे केवल विधानसभा चुनाव की लड़ाई नहीं, बल्कि अपने संगठन की ताकत दिखाने का अवसर मान रही हैं।
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 17, 2026
टीएमसी ने उत्तर और दक्षिण दोनों बंगाल क्षेत्रों में संतुलन बनाने की कोशिश की है। प्रमुख उम्मीदवारों में सिलिगुड़ी से Gautam Dev, रायगंज से Krishna Kalyani, सागरदिघी से Byron Biswas और चोपड़ा से Hamidul Rahman को टिकट मिला है। इसके अलावा उत्तर बंगाल की सीटों पर भी पार्टी ने नए चेहरों को मौका दिया है। मालतीपुर से Abdur Rahim Bakshi, इंग्लिशबाजार से Ashish Kundu, सुजापुर से Sabeena Yasmin और जंगीपुर से Zakir Hussain को टिकट दिया गया। मुर्शिदाबाद से Saini Singh Roy, खग्राम से Ashish Marjit और कांडी से Apoorv Sarkar को मैदान में उतारा गया है।
भवानीपुर विधानसभा सीट इस बार राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों दृष्टियों से हाईवोल्टेज साबित हो रही है। यह सीट ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर का गढ़ मानी जाती है। भाजपा के लिए शुभेंदु अधिकारी की जीत टीएमसी के गढ़ में सेंध लगाने जैसा होगा, जबकि ममता की जीत पार्टी के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक जीत साबित होगी।