
अमेठी में सियासी भूचाल (Img: Dyanmite News)
Amethi: देश की राजनितिक में चर्चित हाई प्रोफाइल सीट अमेठी में नेता प्रति पक्ष राहुल गांधी और सांसद के एल शर्मा की सक्रियता ने बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है।इस समय बीजेपी के पास अमेठी में ना तो अपना विधायक है और ना ही सांसद। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के हालिया दौरे में कार्यकर्ताओं के साथ नाराजगी इस बात का संकेत है कि अपनो से उनका भरोसा भी उठ गया है।फिलहाल आगामी यूपी चुनाव 2027 अब ज़्यादा दूर नहीं है। ऐसे में कभी राहुल गांधी के पीए रहे केएल शर्मा से लोकसभा चुनाव 2024 में करारी हार झेलने वाली स्मृति ईरानी की प्रतिष्ठा इस बार के विधानसभा चुनावों में भी दांव पर लगी है। इससे पहले जब उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हराया था तो यह देश भर में चर्चा का विषय बन गया था। अब दोनों पार्टियां एक बार फिर अमेठी की रणभूमि पर सक्रिय होती दिखाई पड़ रही हैं।
नेहरू गांधी परिवार का गढ़ कही जाने वाली अमेठी में राहुल गांधी और सांसद के एल शर्मा की सक्रियता से जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई पड़ रहा है, वहीं बीजेपी की टेंशन भी बढ़ी नजर आ रही है। विगत 18 मई को अमेठी दौरे पर आए राहुल गांधी अपनी हार का बदला लेने के बाद एक बार फिर पुराने अंदाज में दिखाई दिए। राहुल गांधी ने जहां खुले मंच से अमेठी से रिश्तों की दुहाई देते नजर आए, वहीं बीजेपी सहित पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री पर जमकर बरसे। राहुल गांधी ने खुले मंच से नरेंद्र मोदी और अमित शाह को गद्दार तक कह डाला। राहुल गांधी यहीं नहीं रुके उन्होंने यह भी कहा कि हमने जो कहा उससे हम पीछे नहीं हटेंगे।भाषण के अंत में उन्होंने बड़ा संकेत देते हुए कहा कि अमेठी हामरा परिवार है मुझे जो आदेश करेगा, हम पुनः दिल से करेंगे। जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता मान रहे है कि राहुल गांधी दुबारा अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं।
राहुल गांधी के दौरे के एक सप्ताह बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी अमेठी पहुंच गई।इस दौरान उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त किया। उनके दौरे में खास बात यह रही कि कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कई कार्यकर्ताओं को जमकर खरी खोटी सुनाई।कई कार्यकर्ताओं ने ऑफ कैमरा बताया कि दीदी यहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से काफी नाराज थी।जिसकी वजह राहुल गांधी के दौरे पर कमजोर विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है।
दरअसल इसके पूर्व सितंबर 2025 को देश के पीएम नरेंद्र मोदी की मां के बारे में आपत्ति जनक टिप्पणी को लेकर अमेठी में व्यापक प्रदर्शन हुआ था।भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर नारेबाजी किया था।भारी संख्या में महिलाएं भी हाथों में बेलन लेकर अमेठी की सड़कों पर प्रदर्शन किया था।इसके बाद के प्रदर्शन में बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या कम होती गई।
18 मई 2026 को जब राहुल गांधी अमेठी दौरे पर थे। इसके एक दिन पूर्व राहुल गांधी ने देश के पीएम और गृह मंत्री के बारे में विवादित बयान दिया था।जिस पर आपत्ति जताते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गौरीगंज में विरोध किया।फिलहाल राहुल गांधी के आने के पूर्व ही प्रशासन के हस्तक्षेप पर प्रदर्शनकारी हट गए थे। बताया जा रहा है कमजोर प्रदर्शन को लेकर बीजेपी नेतृत्व बेहद नाराज है।
बड़ा सवाल यह है कि एक साल में क्या हुआ कि बीजेपी जिसे मुख्य प्रतिद्वंदी मानती है उसके विरोध करने के लिए सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का हुजूम क्यों नहीं उमड़ा। एक साल पहले तक जब प्रदर्शन होते थे सड़कों पर बीजेपी के कार्यकर्ता नेता ही दिखाई देते थे।कई बीजेपी कार्यकर्ताओं से जब इस विषय में बात किया गया तो आफ रिकॉर्ड उन्होंने बताया कि हम लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई थी। लिहाजा प्रदर्शन में इतने अधिक लोग नहीं शामिल हो पाएं।
साल 2022 के विधान सभा चुनाव परिणाम पर गौर करें तो जिले में कुल चार विधान सभा सीटें है।जिनमें दो विधायक बीजेपी के है। जहां तिलोई से मयंकेश्वर शरण सिंह जगदीशपुर सुरक्षित सीट से सुरेश पासी बीजेपी के विधायक है।अमेठी और गौरीगंज से बीजेपी के विधायक नहीं है। वही साल 2024 में बीजेपी की स्मृति ईरानी भी लोक सभा का चुनाव हार गई है।कांग्रेस के के एल शर्मा चुनाव जीत कर कांग्रेस की हार का बदला लिये।
लोक सभा चुनाव में पराजित होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आवागमन अमेठी से कम हो गया।चुनाव हारने के बाद स्मृति ईरानी दो बार अमेठी आई।स्मृति ईरानी पहली करीब एक वर्ष बाद साल 2025 के मई माह में आई। स्मृति ईरानी दुबारा एक साल बाद 18 मई 2026 को अमेठी आई। जबकि इसके पूर्व स्मृति ईरानी बारबार अमेठी में ही दिखाई पड़ती थी।
वही अगर कांग्रेस की बात किया जाय तो चुनाव जीतने के बाद के एल शर्मा लगातार क्षेत्र में ही बने हुए है।लगभग हर माह के एल शर्मा का अमेठी आवागमन लगा रहता है। राहुल गांधी के अमेठी आने से एक बार पुनः अमेठी की सियासत गर्म हो गई है।
आगामी विधान सभा चुनाव 2027 बीजेपी के लिए कई मायने में अहम है।अमेठी में विधान सभा चुनाव में सीटें निकलना बीजेपी के लिए अहम है।वही आगामी विधान सभा चुनाव स्मृति ईरानी के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव में बीजेपी का कमल खिलता है या कांग्रेस अपने खोये हुए गौरव को वापस लाने में सफल होती है।
Location : Amethi
Published : 1 June 2026, 9:27 AM IST