हिंदी
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान की कुछ तस्वारें (IMG: Dynamite News)
New Delhi: वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सोमवार को राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के 11 विपक्षी नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दाखिल की गई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी पक्षकार बनाया गया है। इससे पहले विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
सोमवार को विपक्षी नेताओं ने बाराखंबा इलाके से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया। इस दौरान नेता बस, पैदल और अन्य वाहनों के जरिए आगे बढ़े। मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विपक्ष के इस मार्च की तुलना शिवजी की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। इससे एक दिन पहले राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। हालांकि, CJI ने मिलने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित मुद्दे अदालत में विचाराधीन हैं और नेता कानूनी राहत के लिए याचिका दाखिल कर सकते हैं।
मार्च के बीच राहुल गांधी ने दिखाया Victory Sign, कैमरे में कैद हुआ पल #RahulGandhi #AkhileshYadav #CEC #ElectionCommission #INDIABloc #DynamiteNews @RahulGandhi @INCIndia https://t.co/WmIcnZds5b
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) October 12, 2026
याचिका में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, RJD के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, CPI(M) के एम. ए. बेबी, CPI के डी. राजा, JMM की महुआ माझी, NCP-SP की सुप्रिया सुले और IUML के ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं। याचिका में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षकार बनाया गया है। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश की जनता इस मुद्दे को नहीं भूलेगी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हुआ है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा किसी भी राजनीति से ऊपर है। उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता जताई।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाना विपक्ष की जिम्मेदारी है और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। ये आरोप विपक्ष के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग का पक्ष और अदालत की सुनवाई इस मामले में अहम होगी।
प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से बंद किए गए दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार फिर खोल दिए गए। इस बीच राहुल गांधी की कानूनी टीम ने याचिका दाखिल करने के लिए निर्धारित समयसीमा के बाद अतिरिक्त समय भी मांगा था। बाद में याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई। अब मामले में आगे की सुनवाई और अदालत के रुख पर नजर रहेगी।
Location : New Delhi
Published : 12 October 2026, 7:32 PM IST