राम मंदिर में अब ‘कागभुसुंडि’ गायब होने का दावा! अखिलेश यादव ने उठाए बड़े सवाल, बोले- बिना FIR की SIT क्या करेगी?

राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद के बीच अब एक नया दावा सामने आया है, जिसने सियासी माहौल और गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 'कागभुसुंडि' के गायब होने का मुद्दा उठाते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 June 2026, 4:11 PM IST

Lucknow: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के विवाद के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब 'कागभुसुंडि' के गायब होने का मामला उठाते हुए राज्य सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि बिना एफआईआर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) 'बिना तीर की कमान' के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राममंदिर में चढ़ावे, चंदे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश बढ़ रहा है।

SIT की मंशा पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने एसआईटी की मंशा और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह जांच से ज्यादा मामले को ढंकने का प्रयास प्रतीत होती है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बार फिर राम मंदिर चढ़ावा को लेकर लिखा कि एफआईआर के बिना एसआईटी बिना तीर की कमान है। उन्होंने आगे लिखा कि अब दान में दिये गये 'कागभुसुंडि' के गायब हो जाने की निंदनीय खबर आई है।

देश के अपमान पर भड़कीं भारतीय महिलाएं। इटली में बदतमीजी करने वाले रेस्टोरेंट स्टाफ के छुड़ाए छक्के; Video Viral

उन्होंने कहा कि जिस तरह हर दिन 'चढ़ावा चंदा-दान' चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाक़ी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फरार न हो सकें। अखिलेश यादव ने लिखा कि जब अभी खुलासे हो ही रहे हैं तो एसआईटी की जाँच क्या हासिल कर लेगी और ख़ासतौर से तब जब ये 'जांच' से ज़्यादा 'ढांक' के लिए बनी है या फिर 'बांट' के लिए।

जांच के लिए SIT का हुआ गठन

उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा और दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष सचिव वित्त नीलरतन को शामिल किया गया था।

Ram Mandir Donation Scam: चंदा चोरी पर नया खुलासा; करोड़ों के दान और लालच के जाल में कैसे फंसे चंपत राय और अफसर

जांच दल ने बीते दिनों अयोध्या में विभिन्न पक्षों से पूछताछ करने के साथ ही संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की भी गहन पड़ताल की। जांच पूरी करने के बाद एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी तथ्यों की पड़ताल तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। मामले में अंतिम निर्णय जांच के सभी पहलुओं के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।

--आईएएनएस इनपुट

Location :  Lucknow

Published :  24 June 2026, 4:11 PM IST