“मुझे घसीटने वाले पुलिस वाले कान में कह रहे थे इस सरकार को हटाइये”, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, बताई तीन मांगे

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर उन्होंने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और तीन बड़ी मांगें भी रखीं। आखिर उन्होंने क्या कहा, किन मुद्दों पर सरकार को घेरा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर क्या सुझाव दिए?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 July 2026, 6:15 PM IST

New Delhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि जब उन्हें प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी घसीट रहे थे, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके कान में कहा कि "इस सरकार को हटाइए।"

इस बयान के साथ उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से लगातार खिलवाड़ हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भरोसे और भविष्य की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे लगातार कमजोर कर रही है।

राहुल गांधी ने रखीं तीन बड़ी मांगें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों की ओर से तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।

दूसरी मांग उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की रही, जिन्होंने छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बल प्रयोग किया। राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई सख्ती लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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तीसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक माफी की रही। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटा है, इसलिए प्रधानमंत्री को इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए देश से माफी मांगनी चाहिए।

'10 साल में 152 पेपर लीक' का दावा

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जांच हुई, लेकिन अब तक किसी बड़े दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जा रहा है कि परीक्षा माफिया पर सरकार का कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वे अपनी पूरी जमा-पूंजी खर्च कर देते हैं। लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की खबर आने पर उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।

'पैसे वालों को फायदा, मेहनत करने वाले पीछे'

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में आर्थिक रूप से सक्षम लोग गलत तरीके से परीक्षा का फायदा उठा सकते हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अब अवसर का माध्यम नहीं, बल्कि असमानता बढ़ाने वाला तंत्र बनती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में नाकाम रही है।

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परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग

राहुल गांधी ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक केवल जांच बैठाने या बयान देने से समस्या खत्म नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिसमें पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगे और छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा का भरोसा मिल सके।

Location :  New Delhi

Published :  22 July 2026, 6:14 PM IST