
राघव चड्ढा (Image Source: Google)
New Delhiण राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आम आदमी पार्टी छोड़ने के फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का माहौल अब पहले जैसा नहीं रहा और उसमें "टॉक्सिक कल्चर" विकसित हो चुका है। चड्ढा ने कहा कि पार्टी के भीतर काम करने की स्वतंत्रता कम हो गई थी और सांसदों को अपनी बात रखने तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
राघव चड्ढा ने बताया कि उन्होंने राजनीति में आने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में करियर बनाया था, लेकिन देश सेवा के उद्देश्य से उन्होंने राजनीति को चुना। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और 15 साल तक पूरी मेहनत और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत किया।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि समय के साथ पार्टी की दिशा बदल गई। उनके मुताबिक, अब पार्टी कुछ चुनिंदा लोगों के नियंत्रण में आ चुकी है और निर्णय लेने की प्रक्रिया सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि संसद में आवाज उठाने से रोका जाता था और काम करने में बाधाएं डाली जाती थीं।
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उन्होंने यह भी कहा कि कई वर्षों से उनके मन में यह सवाल चल रहा था कि कहीं वह "गलत पार्टी में सही व्यक्ति" तो नहीं हैं। इसी सोच के चलते उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गंभीर निर्णय लिया।
राघव चड्ढा के अनुसार, उनके सामने तीन रास्ते थे- राजनीति छोड़ देना, पार्टी के भीतर रहकर बदलाव की कोशिश करना, या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करना। उन्होंने तीसरे विकल्प को चुना और बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया।
पिछले सप्ताह राघव चड्ढा के साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों- स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। इन सभी नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया।
चड्ढा ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि एक व्यक्ति गलत हो सकता है, दो लोग भी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग एक साथ गलत नहीं हो सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी छोड़ चुके पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों को क्या पूरी तरह गलत कहा जा सकता है।
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उन्होंने कार्यस्थल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी ऑफिस का माहौल खराब हो जाए और काम करने की आजादी खत्म हो जाए, तो वहां टिकना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, पार्टी छोड़ना भी उसी तरह का फैसला था।
वीडियो संदेश के माध्यम से राघव चड्ढा ने जनता को भरोसा दिलाया कि पार्टी बदलने से उनके मुद्दे नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि वह आम लोगों की समस्याओं को पहले की तरह उठाते रहेंगे, लेकिन अब उन्हें समाधान लागू कराने का बेहतर अवसर मिलेगा।
Location : New Delhi
Published : 27 April 2026, 12:15 PM IST