
15 विधायकों ने राहुल गांधी से मांगा वक्त (Img- Pinterest)
Chandigarh: पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहाँ से पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी साख बचाना भारी पड़ रहा है।
लगातार जारी अंदरूनी खींचतान और गुटबाज़ी से तंग आकर पंजाब के 15 विधायकों ने सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खत लिखा है और तुरंत मुलाकात का समय मांगा है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब प्रदेश इकाई में कप्तानी को लेकर राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी के गुट आमने-सामने हैं।
विवाद की असली शुरुआत तब हुई जब आलाकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंप दी।
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पावर बैलेंस करने की इस कोशिश ने उल्टे आग में घी डालने का काम किया। चन्नी खेमा वडिंग के अध्यक्ष बने रहने से नाराज दिखा, जिससे राज्य भर में बैठकों का दौर और धड़ेबंदी और तेज हो गई।
असंतोष को दबाने के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पंजाब का छह दिवसीय दौरा कर जमीनी हकीकत परखी थी। इसके बाद दिल्ली में केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक कर चन्नी ने 'सब ठीक है' का बयान दिया था। लेकिन अंदरखाने सुलग रही चिंगारी बुझी नहीं थी। 15 विधायकों द्वारा राहुल गांधी को लिखा गया खत इस बात का सबूत है कि कागजों पर बनी सहमति ज़मीन पर टिक नहीं सकी है।
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सूत्रों की मानें तो विधायकों की यह संभावित बैठक सिर्फ गुटबाज़ी खत्म करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें 2027 के चुनाव रणनीति पर भी खुलकर बात होगी। विधायक इस बात का जवाब चाहते हैं कि आखिर पार्टी का असली चेहरा कौन होगा? अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इन 15 विधायकों का रुख किस तरफ मोड़ते हैं और क्या पंजाब कांग्रेस में कोई बड़ा सांगठनिक फेरबदल देखने को मिलेगा।
Location : Chandigarh
Published : 12 August 2026, 9:43 AM IST