रैली से लौटते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में रिपोर्ट सामान्य बताई है, लेकिन थकान के कारण उन्हें आराम की सलाह दी गई है।

सीएम भगवंत मान
Punjab: पंजाब की सियासत में सोमवार रात अचानक हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दिनभर रैली और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें रात करीब साढ़े आठ बजे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल मोहाली ले जाया गया। मुख्यमंत्री की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही पार्टी और प्रशासनिक हलकों में चिंता का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी और वह सीधे मोगा में आयोजित पार्टी की रैली में शामिल होने पहुंच गए थे। रैली खत्म कर लौटने के बाद उन्हें बेचैनी और कमजोरी महसूस हुई। सुरक्षा और मेडिकल टीम ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी।
शुरुआती रिपोर्ट सामान्य, फिर भी निगरानी में
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य जरूरी टेस्ट की शुरुआती रिपोर्ट सामान्य आई है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार कार्यक्रम, यात्रा और कम आराम की वजह से उन्हें ज्यादा थकान हो गई है। एहतियात के तौर पर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है और पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पहले भी बिगड़ी थी तबीयत
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले संगरूर में एक कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उस समय उन्हें एयरलिफ्ट कर मोहाली लाया गया था और जांच के बाद रिपोर्ट सामान्य आने पर ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। डॉक्टरों ने तब भी उन्हें काम का बोझ कम करने और आराम करने की सलाह दी थी।
पार्टी और प्रशासन में हलचल
मुख्यमंत्री के दोबारा अस्पताल पहुंचने की खबर मिलते ही आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचने लगे। सभी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित किए जाने की चर्चा है।
जल्द मिल सकती है छुट्टी
डॉक्टरों का कहना है कि यदि सभी रिपोर्ट सामान्य रहती हैं और उन्हें पर्याप्त आराम मिलता है तो कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। फिलहाल मेडिकल टीम उनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए गए हैं।