
मायावती का सियासी एजेंडा तेज़
Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज लखनऊ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की। इस बैठक का केंद्रबिंदु जहां संगठन के ढांचे को मजबूत करना रहा, वहीं उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति, सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक साजिशों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया।
बैठक के दौरान मायावती ने पार्टी की सांगठनिक मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन का जो अभियान चलाया गया था, उसकी गहन समीक्षा की गई है और आने वाले समय में इसमें और गति लाई जाएगी। मायावती ने कहा कि अगर बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है, तो हमें हर गांव, हर वार्ड और हर बूथ पर अपने कार्यकर्ता खड़े करने होंगे।
मायावती का सियासी एजेंडा तेज़
मायावती ने अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए 50% ट्रम्प टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे भारत की आर्थिक संप्रभुता और गरीबों के भविष्य पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस चुनौती का ठोस और जनहितैषी जवाब देना चाहिए, वरना गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं और गंभीर हो जाएंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि बहुजन समाज के हितों की अनदेखी की गई, तो देश की सामाजिक समरसता भी प्रभावित होगी।
मायावती ने उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में विभिन्न धर्मों के पूजास्थलों और महापुरुषों के अपमान पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश के तहत किया जा रहा है। मायावती ने कहा कि हर सरकार को जातिवादी और साम्प्रदायिक राजनीति से ऊपर उठकर, ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानून लागू करना चाहिए। वरना समाज का ताना-बाना बिखर जाएगा।
बैठक में मायावती ने बीएसपी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर) को ऐतिहासिक तरीके से मनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम राजधानी लखनऊ के 'मान्यवर श्री कांशीराम स्मारक स्थल' पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वह स्वयं शामिल होकर राजनीतिक दिशा और संघर्ष की रूपरेखा घोषित करेंगी।
Location : Lucknow
Published : 7 September 2025, 1:42 PM IST