जंतर-मंतर के 36 दिनों के आंदोलन का मायावती ने किया समर्थन, बोलीं- ‘मुनाफाखोरी छोड़ हर हाथ को काम दे सरकार’

बसपा प्रमुख मायावती ने बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी भर्तियों को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण का विरोध करते हुए रिक्त सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती शुरू करने की मांग की और जंतर-मंतर आंदोलन का भी उल्लेख किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 August 2026, 1:30 PM IST

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण के बजाय सरकार को सरकारी नौकरियों में भर्ती पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन का भी उल्लेख किया।

सरकारी नौकरियों पर दिया जोर

सोमवार को जारी बयान में मायावती ने कहा कि सरकारों को गरीबों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि विभिन्न विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से मुक्त, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

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जंतर-मंतर आंदोलन का किया उल्लेख

मायावती ने कहा कि जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन ने बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों पर संसद के मौजूदा सत्र में जारी गतिरोध समाप्त होना चाहिए।

'हर हाथ को काम' की नीति अपनाने की मांग

बसपा प्रमुख ने कहा कि यदि एक परिवार में एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित हो जाए तो इससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने सरकार से संविधान की भावना के अनुरूप रोजगार आधारित नीतियां अपनाने और मुनाफाखोरी की सोच छोड़ने की अपील की।

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भाजपा और आप पर भी साधा निशाना

मायावती ने 2019 में दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित संत गुरु रविदास मंदिर से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाज को राजनीतिक दलों की रणनीतियों से सतर्क रहना चाहिए और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

Location :  Lucknow

Published :  10 August 2026, 1:30 PM IST