तीन दिन का विशेष सत्र बुलाएगी सरकार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर बढ़ी सियासी हलचल

केंद्र सरकार जल्द ही ऐसा कदम उठा सकती है, जिसका असर आने वाले चुनावों और देश की राजनीति पर लंबे समय तक दिख सकता है। परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े अहम फैसलों को लेकर तैयारियां तेज होने की चर्चा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 August 2026, 2:44 PM IST

New Delhi: केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े अहम विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र के बाद हालात के अनुसार तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने पर विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार इन प्रस्तावों को पारित कराने के लिए जरूरी राजनीतिक समर्थन जुटाने में लगी है। अगर संख्या पूरी हो जाती है तो 17 अगस्त से विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।

विपक्ष से बातचीत की कोशिश भी जारी

संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। करीब 50 मिनट चली बातचीत में संसद की कार्यवाही और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार सरकार ने कांग्रेस से परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों पर सहयोग मांगा। हालांकि कांग्रेस ने कुछ अन्य मुद्दों का हवाला देते हुए पहले संसद में चल रहे विवाद को सुलझाने की बात कही। ऐसे में फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने का इंतजार है।

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सरकार के सामने दो बड़े रास्ते

सूत्रों का कहना है कि सरकार के सामने फिलहाल दो विकल्प हैं। पहला, विपक्ष के साथ सहमति बनाकर मानसून सत्र के अंतिम दिनों में ही विधेयक पेश किए जाएं। दूसरा, मानसून सत्र के बाद तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर इन पर चर्चा और मतदान कराया जाए। सरकार इस बात का भी आकलन कर रही है कि दोनों सदनों में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत कैसे सुनिश्चित किया जाए। यही वजह है कि विभिन्न दलों से लगातार बातचीत जारी है।

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सीटों में बढ़ोतरी का भी हो सकता है प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रावधान शामिल किया जा सकता है। साथ ही अगले लोकसभा चुनाव से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सीटों में बढ़ोतरी का स्पष्ट प्रावधान विधेयक में शामिल किया जाता है तो कुछ क्षेत्रीय दल भी सरकार का समर्थन कर सकते हैं। इससे सरकार के लिए जरूरी संख्या जुटाना आसान हो सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  5 August 2026, 2:44 PM IST