दिल्ली के प्रदर्शन से दूर रहेंगे डीके शिवकुमार, आखिर 1 नवंबर को कर्नाटक में क्यों रुकेंगे CM?

दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल नहीं होंगे। उन्होंने राज्य में ही रहने का फैसला किया है। इसके पीछे कन्नड़ राज्योत्सव की तैयारियां बड़ी वजह हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 October 2026, 8:25 PM IST

Bengaluru: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। इसकी वजह उन्होंने कर्नाटक राज्योत्सव को बताया है।

शिवकुमार के मुताबिक, इस दिन राज्य में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे और मंत्रियों से लेकर विधायकों तक को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने कहा कि कन्नड़ राज्योत्सव कर्नाटक के लिए खास महत्व रखता है। इसे राज्य में एक अलग अंदाज में मनाया जाता है। ऐसे में वह और उनके मंत्रिमंडल के दूसरे सदस्य 1 नवंबर को राज्य में ही रहेंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह दिल्ली नहीं जाएंगे।

हर जिले में होगा राज्योत्सव का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी जिला प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश दिए गए हैं। विधायकों से भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में आयोजित होने वाले समारोहों में हिस्सा लें और लोगों को सरकार की योजनाओं तथा पहलों की जानकारी दें। शिवकुमार ने यह भी बताया कि कांग्रेस के जिला और ब्लॉक अध्यक्ष दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी अध्यक्ष की ओर से यात्रा में कुछ दिक्कतों की जानकारी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं को पहुंचने के लिए कहा गया है।

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स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण मंत्री जी. परमेश्वर इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह कृष्णा बायरे गौड़ा संबंधित जिले में जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर क्या बोले शिवकुमार?

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में दूध की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी का भी बचाव किया। उनका कहना है कि लंबे समय से दूध के दाम में बदलाव नहीं हुआ था। किसानों और विधायकों की ओर से कीमत बढ़ाने की मांग उठाई जा रही थी।

शिवकुमार के मुताबिक, किसानों ने दूध की कीमत में 12 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन सरकार ने करीब 7 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा 1 रुपये प्रबंधन खर्च के लिए रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बढ़ी हुई रकम का बाकी हिस्सा किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दूसरे कई राज्यों के मुकाबले कर्नाटक में दूध की कीमतें अब भी कम हैं। राज्य का दूध तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी भेजा जाता है।

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फसल बर्बाद होने पर किसानों को मदद का भरोसा

फसल खराब होने पर मुआवजा देने की शर्तों को लेकर उठ रही चिंताओं पर शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की मदद के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

गन्ने की कीमत को लेकर चल रहे विवाद पर भी मुख्यमंत्री ने किसानों से धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल सूख रही है और किसानों को परेशानी हो रही है। सरकार किसानों के साथ है और उनकी भलाई प्राथमिकता में है।

शिवकुमार ने चीनी की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर लंबे समय से चीनी के दाम नहीं बढ़े हैं, तो चीनी मिलों के लिए किसानों को ज्यादा भुगतान करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से भी बातचीत करने की बात कही।

Location :  Bengaluru

Published :  30 October 2026, 8:25 PM IST