दिल्ली बजट सत्र 2026: क्या है ‘खीर रस्म’ की परंपरा? जानें क्यों खास है सीएम रेखा गुप्ता का यह बजट, पढ़ें पूरी खबर में

क्या आप जानते हैं दिल्ली बजट की ‘खीर रस्म’ कितनी पुरानी है? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दूसरा बजट और राजधानी की जनता की बड़ी उम्मीदें। यमुना सफाई से लेकर कच्ची कॉलोनियों तक, जानें इस बजट की सबसे बड़ी चुनौतियां।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 23 March 2026, 11:39 AM IST

New Delhi: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार आज अपना दूसरा बजट पेश करने जा रही है। इस खास मौके की शुरुआत एक मीठी और नई परंपरा 'खीर सेरेमनी' के साथ की गई है।

दिल्ली की राजनीति में यह बजट सत्र काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि जनता की उम्मीदें इस बार बहुत ज्यादा हैं। सरकार के लिए यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राजधानी के विकास का एक नया रोडमैप साबित हो सकता है।

कब और कैसे शुरू हुई दिल्ली की यह 'खीर रस्म'?

बहुत से लोगों को लगता है कि यह रस्म काफी पुरानी है, लेकिन असल में यह परंपरा अभी हाल ही में शुरू हुई है। इसकी शुरुआत साल 2025 में हुई थी, जब दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया था। जिस तरह केंद्र सरकार में बजट से पहले 'हलवा सेरेमनी' होती है, उसी की तर्ज पर दिल्ली विधानसभा में 'खीर रस्म' को अपनाया गया। 2026 का यह सत्र इस रस्म का दूसरा साल है, जिसने अब दिल्ली के बजट सत्र की एक नई पहचान बना ली है।

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भगवान राम को भोग और सुझाव देने वालों का सम्मान

इस रस्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी धार्मिक और सामाजिक मान्यता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद अपने हाथों से खीर तैयार करती हैं और सबसे पहले इसका भोग भगवान राम को लगाया जाता है। पूजा के बाद यह खीर उन लोगों को 'प्रसाद' के रूप में खिलाई जाती है जिन्होंने बजट बनाने के लिए अपने जरूरी सुझाव दिए थे। इसके साथ ही विधानसभा में मौजूद सभी मंत्रियों, विधायकों और कर्मचारियों का मुंह भी इसी खीर से मीठा कराया जाता है, ताकि सत्र की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ हो सके।

यमुना सफाई और प्रदूषण: बजट की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने इस बजट में कई कठिन चुनौतियां खड़ी हैं। दिल्ली की जनता के लिए सबसे बड़ा मुद्दा यमुना नदी की सफाई का है। अब लोग केवल बजट के वादों से खुश नहीं हैं, बल्कि वे जमीन पर ठोस काम और साफ पानी देखना चाहते हैं। इसके अलावा, दिल्ली का बढ़ता वायु और जल प्रदूषण भी सरकार के लिए एक गंभीर सिरदर्द बना हुआ है। इस बजट में प्रदूषण से लड़ने के लिए किन सख्त कदमों और तकनीकों का ऐलान होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

कच्ची कॉलोनियों का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर

राजधानी की अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों की समस्याएं भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। इन इलाकों में सीवर, पक्की सड़कें और साफ पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का आज भी अभाव है। इसके साथ ही, दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे और मोहल्ला क्लीनिकों को लेकर भी सरकार को बड़े फैसले लेने की जरूरत है। जनता को उम्मीद है कि इस बार के बजट में उनकी इन मूलभूत जरूरतों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आ सके।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 23 March 2026, 11:39 AM IST