
कैबिनेट ने दी द्वारका टनल को मंजूरी (Img: AI Generated Image)
New Delhi: देश की राजधानी में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दिल्ली की छह लेन वाली द्वारका टनल परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 6970 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह टनल दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों के बीच सफर को आसान बनाएगी और लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के तहत एनएच-148एई को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए छह लेन की टनल बनाई जाएगी। इस टनल की कुल लंबाई करीब 8.1 किलोमीटर होगी। इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। यह परियोजना अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके से जोड़ेगी।
इससे पश्चिमी दिल्ली, द्वारका, गुरुग्राम और आईजीआई एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह प्रोजेक्ट काफी अहम माना जा रहा है। नई टनल बनने के बाद कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी। इसके अलावा दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कैबिनेट ने दिल्ली की द्वारका टनल के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली एक बड़ी सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत एनएच-34 के कानपुर-कबरई सेक्शन को 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 7145 करोड़ रुपये बताई गई है।
कानपुर-कबरई हाईवे परियोजना से कानपुर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके जरिए आगे मध्य प्रदेश के सागर, भोपाल और अन्य क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सकेगी। यह नया कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को मध्य प्रदेश के खनिज, कृषि और निर्माण क्षेत्रों से जोड़ने में मदद करेगा। इससे कारोबार और माल ढुलाई को भी गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार लगातार देश में हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है। द्वारका टनल और कानपुर-भोपाल हाईवे जैसी परियोजनाएं इसी योजना का हिस्सा मानी जा रही हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लोगों को बेहतर सड़क सुविधा के साथ-साथ तेज और सुरक्षित यात्रा का फायदा मिलने की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 1 July 2026, 4:51 PM IST