भाजपा का बड़ा दांव: नबाव सिंह नागर बने पश्चिम यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष, गुर्जर समीकरण पर नजर

भाजपा ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव करते हुए दादरी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नबाव सिंह नागर को क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों से पहले पश्चिमी यूपी में गुर्जर समाज को साधने और जातीय संतुलन मजबूत करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 7:41 PM IST

Noida: भाजपा ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए दादरी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नबाव सिंह नागर को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया है। इसे आगामी चुनावों से पहले गुर्जर समाज को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर तब जब कुछ महीने पहले दादरी में सपा ने बड़ी गुर्जर रैली आयोजित की थी।

सेवा कार्य में व्यस्त थे नागर, उधर हो रही थी बड़ी घोषणा

दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय उनके नाम की औपचारिक घोषणा हो रही थी, उसी समय नबाव सिंह नागर नोएडा में निर्जला एकादशी के अवसर पर आयोजित सेवा कार्यक्रम में शामिल थे। सेक्टर-52 में फोनरवा की ओर से आयोजित शरबत वितरण कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की और श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर सेवा कार्य में योगदान दिया।

दादरी से निकला राजनीतिक दांव

नबाव सिंह नागर का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनना केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि नागर दादरी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं, जो हाल के महीनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बना हुआ है। वह दादरी से दो बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है और वे भाजपा के मंडल अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं।

जातीय समीकरणों पर भाजपा की नजर

पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष पद को लेकर जाट, वैश्य और गुर्जर समाज के नेताओं के नाम चर्चा में थे। जाट समाज से मोहित बेनीवाल और अंकुर राणा के नाम प्रमुख दावेदारों में गिने जा रहे थे, जबकि वैश्य समाज से हापुड़ के विकास अग्रवाल का नाम भी मजबूत माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने अंततः गुर्जर चेहरे पर भरोसा जताते हुए नबाव सिंह नागर को जिम्मेदारी सौंप दी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में मेरठ के डॉ. सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार का दायित्व देकर गुर्जर समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया था। वहीं केंद्र में कृष्णपाल गुर्जर पहले से ही समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं।

Location :  Noida

Published :  25 June 2026, 7:40 PM IST