Azam Khan News: जौहर ट्रस्ट की जांच में ED का बड़ा कदम, नई FIR में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप

Azam Khan ED FIR मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर रामपुर के अजीमनगर थाने में नई FIR दर्ज कराई है। इससे पहले आजम खान से जेल में पूछताछ हुई थी। जांच में चंदे, बैंक खातों और निर्माण खर्च की पड़ताल की जा रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 October 2026, 12:05 PM IST

Rampur: रामपुर में जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ नई FIR दर्ज कराई है। 14 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस कार्रवाई में ट्रस्ट और उससे जुड़ी कुछ कंपनियों का भी नाम है। मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है।

Azam Khan ED FIR: किनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED के लखनऊ कार्यालय के अधिकारी की शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें आजम खान, मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएस एंड एस इंटरप्राइजेज, एसएस एसोसिएट्स और अन्य संबंधित पक्षों के नाम शामिल हैं।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। जांच का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करना है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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जेल में पूछताछ के एक दिन बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई आजम खान से रामपुर जिला जेल में पूछताछ के एक दिन बाद हुई। 13 अक्टूबर को ED की टीम ने जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों में उनसे सवाल किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में ट्रस्ट को मिले चंदे, संबंधित संस्थाओं के बैंक खातों में लेन-देन और यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च हुई रकम जैसे विषय शामिल थे।

चंदे और निर्माण में खर्च की जांच

जांच एजेंसी ट्रस्ट को मिले करोड़ों रुपये के चंदे के स्रोत, विभिन्न संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और यूनिवर्सिटी निर्माण में धन के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकारी ठेकों से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हुआ या नहीं।

आगे क्या होगा?

नई FIR के बाद मामले की जांच में संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की अहम भूमिका होगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।

Location :  Rampur

Published :  14 October 2026, 11:44 AM IST