
वरिष्ठ नेता आजम खान (Source: Pinterest)
Rampur: रामपुर में जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ नई FIR दर्ज कराई है। 14 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस कार्रवाई में ट्रस्ट और उससे जुड़ी कुछ कंपनियों का भी नाम है। मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED के लखनऊ कार्यालय के अधिकारी की शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें आजम खान, मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएस एंड एस इंटरप्राइजेज, एसएस एसोसिएट्स और अन्य संबंधित पक्षों के नाम शामिल हैं।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। जांच का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करना है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
यह कार्रवाई आजम खान से रामपुर जिला जेल में पूछताछ के एक दिन बाद हुई। 13 अक्टूबर को ED की टीम ने जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों में उनसे सवाल किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में ट्रस्ट को मिले चंदे, संबंधित संस्थाओं के बैंक खातों में लेन-देन और यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च हुई रकम जैसे विषय शामिल थे।
जांच एजेंसी ट्रस्ट को मिले करोड़ों रुपये के चंदे के स्रोत, विभिन्न संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और यूनिवर्सिटी निर्माण में धन के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकारी ठेकों से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हुआ या नहीं।
नई FIR के बाद मामले की जांच में संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की अहम भूमिका होगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
Location : Rampur
Published : 14 October 2026, 11:44 AM IST
Topics : Azam Khan ED FIR Azam Khan news ED Investigation Rampur Jauhar Trust Case Jauhar University