
आबकारी मामले में केजरीवाल की जमानत को चुनौती देने वाली ED की याचिका पर सुनवाई (Img: AI Generated Image)
New Delhi: दिल्ली के चर्चित आबकारी नीति मामले में सोमवार को एक बार फिर अदालत की नजरें अरविंद केजरीवाल से जुड़े मामले पर टिक गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली नियमित जमानत को चुनौती दी गई है।
मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले का है। सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज जैन की अदालत में सूचीबद्ध है।
इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 20 जून 2024 को केजरीवाल को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। इसके बाद ED ने इस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने उस समय निचली अदालत के जमानत आदेश के अमल पर रोक लगा दी थी।
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यानी जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई। इसके बाद मामला अलग-अलग अदालतों में आगे बढ़ता रहा और अब ED की चुनौती पर हाई कोर्ट में सुनवाई फिर महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची है।
केजरीवाल को इस मामले में जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिली थी। 12 जुलाई 2024 को शीर्ष अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। साथ ही PMLA के तहत गिरफ्तारी की आवश्यकता से जुड़े कुछ कानूनी सवालों को बड़ी पीठ के विचार के लिए भेजा गया था।
इसके बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर जारी रही। ED की ओर से दायर जमानत चुनौती पर हाई कोर्ट में सुनवाई लगातार टलती रही है। अब सोमवार की सुनवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि एजेंसी की याचिका पर अदालत के सामने आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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मामले की पिछली कार्यवाही के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश वकीलों ने जांच एजेंसी पर कार्यवाही को लंबा खींचने और बार-बार स्थगन लेने का आरोप लगाया था। वहीं ED लगातार अपनी याचिका के आधार पर जमानत आदेश को चुनौती दे रही है। दिल्ली की 2021-22 आबकारी नीति से जुड़े मामले में ED और CBI की जांच अलग-अलग पहलुओं को लेकर रही है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और जांच एजेंसियों के दावों को अदालत में अंतिम रूप से साबित होना अभी बाकी है।
सोमवार की सुनवाई में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि ट्रायल कोर्ट की ओर से 2024 में दिया गया नियमित जमानत आदेश कानूनी कसौटी पर कितना टिकता है। हाई कोर्ट ED की दलीलों और जमानत आदेश से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार करेगा।
Location : New Delhi
Published : 10 August 2026, 1:50 PM IST