मिशन 2027 से पहले अखिलेश का बड़ा गेम प्लान, ऐसा दांव जिससे BJP की बढ़ सकती है मुश्किलें

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने महिला वोटरों को साधने के लिए “मूर्ति देवी-मालती देवी” सम्मान योजना का ऐलान किया है। इस कदम से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अन्य दलों की रणनीतियां भी बदलती नजर आ रही हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 March 2026, 8:22 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है और अब हर पार्टी अपने-अपने तरीके से वोटरों को साधने में जुटी है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ऐसा दांव खेला है, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। महिलाओं को साधने के लिए शुरू की जा रही नई योजना को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है और विरोधी दल भी अब सतर्क हो गए हैं।

“मूर्ति देवी-मालती देवी” सम्मान की शुरुआत

समाजवादी पार्टी की ओर से “मूर्ति देवी-मालती देवी” महिला सम्मान की शुरुआत की जा रही है। यह सम्मान अखिलेश यादव की दादी मूर्ति देवी और उनकी मां मालती देवी के नाम पर रखा गया है। इस पहल के जरिए महिलाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें सियासी तौर पर जोड़ने की कोशिश भी साफ नजर आ रही है।

20 कैटेगरी में दिया जाएगा सम्मान

जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत करीब 20 अलग-अलग कैटेगरी में महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इन कैटेगरी में समाज की प्रेरणादायक महिलाओं जैसे फूलन देवी, सावित्री बाई फुले, अहिल्याबाई होल्कर, सरोजिनी नायडू और रानी लक्ष्मीबाई जैसी हस्तियों के नाम शामिल किए गए हैं। हर सम्मान के साथ एक लाख रुपये की राशि भी दी जाएगी, जिससे इस योजना का महत्व और बढ़ जाता है।

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सपा का मास्टरस्ट्रोक या सियासी रणनीति?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे साफ सियासी रणनीति छिपी है। यूपी में महिला वोटरों की बड़ी संख्या को देखते हुए सपा का यह कदम आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे बीजेपी के लिए चुनौती बढ़ सकती है, क्योंकि महिला वोट बैंक हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है।

बीजेपी और योगी सरकार भी एक्टिव

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनावी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में आरएसएस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की है। मिशन 2027 को लेकर बीजेपी भी पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रही है और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

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बसपा भी मैदान में, बढ़ा रही संगठन

वहीं, बहुजन समाज पार्टी भी पीछे नहीं है। लखनऊ में मायावती की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने पर चर्चा हुई। बसपा भी आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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  • Lucknow

Published : 
  • 21 March 2026, 8:22 PM IST