
अखिलेश यादव ने CM योगी पर साधा निशाना (IMG: X)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को गोरखपुर में जलभराव को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर की तुलना सैफई से करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने शहर में सैफई से ज्यादा बेहतर काम कराना चाहिए था। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जिस जगह मेट्रो चलाने की बात की जा रही थी, वहां अब नाव चलाने की स्थिति बन गई है।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने शहर के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को दस साल में गोरखपुर में सैफई से ज्यादा काम कराना चाहिए था, लेकिन शहर के मुख्य हिस्सों में पानी भरा हुआ है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर सैफई से प्रेरणा ली होती तो जिस जगह मेट्रो चलनी थी, वहां नाव चलाने की स्थिति नहीं बनती। अखिलेश ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री दिन-रात सैफई का नाम लेते हैं, लेकिन गोरखपुर में जो स्थिति बनी है, वह सवाल खड़े करती है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब गोरखपुर में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों में बेतियाहाता और गिरधरगंज समेत कुछ इलाकों में जलभराव की जानकारी दी गई है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से भी जलनिकासी के इंतजाम किए जा रहे हैं। अखिलेश ने गोरखपुर की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर दिखाई दे रहा है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने 2017 और 2022 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में समाजवादी पार्टी ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था और 2022 में चुनाव निष्पक्ष नहीं होने का उनका आरोप है। उन्होंने दावा किया कि 2024 में पार्टी अधिक जागरूक रही, जिसके कारण उसे लोकसभा में अधिक सीटें मिलीं।
अखिलेश ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े Form-7 को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए। उनका दावा था कि निजी कंपनी के माध्यम से Form-7 भरवाकर भेजे गए और फर्जी हस्ताक्षर के मामले सामने आए। इन दावों को उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने नोएडा में बड़े पैमाने पर कथित वोट चोरी और फर्जी वोट बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग से अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने और किसी के इशारे पर काम नहीं करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री चुनाव आयोग के पक्ष में बोल रहे हैं तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। हालांकि, ये सभी बातें अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए नहीं मिली है।
सपा और कांग्रेस के बीच हालिया बयानबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी भी विरोधियों से कुछ सीखती है। उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक दल ऊपर से एक-दूसरे का विरोध करते दिखाई देते हैं, जबकि अंदरखाने अलग समीकरण होते हैं। अखिलेश ने सपा और कांग्रेस के बीच होने वाली बयानबाजी को रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपनी रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है।
अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों और खेलों से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो खेल का बजट बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने सम्मान देने की प्रक्रिया रोक दी है। अखिलेश ने कहा कि सत्ता में आने पर यश भारती से सम्मानित लोगों के लिए एक लाख रुपये मासिक और 21 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी।
Location : Lucknow
Published : 27 September 2026, 7:27 PM IST
Topics : Akhilesh Yadav Gorakhpur Waterlogging UP Assembly Election 2027 UP Politics Yogi Adityanath