Wether (3)

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण प्रॉफिट-बुकिंग और कमजोर फिजिकल डिमांड है। इसका मतलब है कि रैली के बाद, इन्वेस्टर्स ने प्रॉफिट बुक किया, और मार्केट में खरीदारी धीमी हो गई। फिलहाल, सोने और चांदी की कीमतें ग्लोबल संकेतों और फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर हैं। इसलिए, इन्वेस्टर्स को मार्केट की दिशा साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 March 2026, 7:57 AM IST
google-preferred

Published : 
  • 28 March 2026, 7:57 AM IST

Advertisement