हिंदी
महिला का विवाह महज 16 से 17 वर्ष की छोटी सी उम्र में कर दिया गया था। विवाह के बाद से ही उन्हें एक बेहद कठिन और अपमानजनक माहौल में रहना पड़ा। उनके पति न तो कोई काम करते थे और न ही परिवार की जिम्मेदारियों को समझते थे। पूरे घर का आर्थिक खर्च उठाने, बच्चों का लालन-पालन करने और नशे में धुत पति के तानों को सहने की पूरी जिम्मेदारी अकेली महिला के कंधों पर आ गई थी। (Img- Pinterest)
Published : 24 August 2026, 2:55 PM IST