Magh mela 2026 (4)

परंपरा के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन सबसे पहले विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, नागा साधु और ऋषि-मुनि गाजे-बाजे के साथ संगम में शाही स्नान करते हैं, इसके बाद कल्पवासी और आम श्रद्धालु स्नान करते हैं। मान्यता है कि अखाड़ों के स्नान से संगम जल में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)

Updated : 17 January 2026, 1:19 PM IST
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Published : 
  • 17 January 2026, 1:19 PM IST

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